बेहड़ा-थ्रू मार्ग पर अचानक खेतों से निकले चार युवकों ने उसे रोक लिया और उसकी कनपटी पर तमंचा लगा दिया। उपेंद्र से मोबाइल लूटकर गंगनहर में फेंक दिया, जबकि बाइक कुछ जरूरी काम बताते हुए लूट कर फरार हो गए। सूचना पर मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर एमएस गिल ने टीम किसान को बदमाशों की एलबम दिखाई गई।
किसान उपेंद्र ने कस्टडी से फरार रोहित, निवासी जोहरा को पहचान लिया। इसके बाद एसएसपी अभिषेक यादव को दी, जिस पर क्राइम ब्रांच व फोर्स के साथ अफसर मौके पर पहुंचे और कई गांवों के जंगलों में लुटेरों की तलाश में कांबिंग की, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा। इस घटना से साफ हो रहा है कि पुलिस हिरासत से भागने के बाद रोहित करीब 17 घंटे तक जिले में ही रहा।
दोपहर करीब दो बजे रोहित को उसके साथियों ने फायरिंग कर पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया था। इस घटना में दरोगा दुर्ग विजय सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
इस संबंध में इंस्पेक्टर एमएस गिल का कहना है कि किसान ने एक लुटेरे की पहचान रोहित के रूप में की है, रोहित की रिश्तेदारी भी क्षेत्र के एक गांव में बताई जा रही है, जिसके चलते वहां भी उसकी तलाश में सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
घायल दरोगा व शातिर अपराधी
- फोटो : अमर उजाला
घायल दरोगा व शातिर अपराधी
- फोटो : अमर उजाला
एस्कॉर्ट कर लाए जाएंगे पेशी पर बदमाश
शॉर्प शूटर रोहित की फरारी के बाद एसएसपी अभिषेक यादव ने निर्णय लेते हुए भविष्य में किसी भी बदमाश को जनपद में पेशी पर लाने व ले जाए जाने के दौरान जनपद की सीमा तक उन्हें सकुशल बाहर निकालने के लिए एस्कॉर्ट किया जाएगा।
एसएसपी ने अधीनस्थों से भविष्य में जनपद में पेशी पर बाहर जिलों से आने वाले बड़े अपराधियों की सूचना अपडेट रखने के लिए भी कहा। इसके साथ ही उन्होंने सभी बड़े मामलों की लिस्ट तैयार कर उनके गवाहों को भी पेशी पर आने-जाने के दौरान उनके घर से कचहरी परिसर तक सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने के भी आदेश दिए हैं।
वहीं, कोर्ट में चल रहे बड़े मुकदमों की भी सूची तैयार कर उनमें पुलिस को प्रभावी पैरवी करने के लिए कहा गया है, ताकि इन वारदातों में संलिप्त अपराधियों को कड़ी सजा दिलाया जाना सुनिश्चित हो सके।