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व्यापारी राजू की हत्या में तीन बदमाश धरे

Sun, 04 Dec 2016 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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ब्रह्मपुरी में शास्त्री की कोठी के पास एक सप्ताह पहले हुई व्यापारी विशाल उर्फ राजू की हत्या का शनिवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। एसटीएफ और पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से हत्या में प्रयुक्त एक्टिवा, दो तमंचे, कारतूस और चाकू बरामद किया है। मुख्य हत्यारोपी समेत तीन बदमाश अभी फरार हैं। हत्या पैसों के लेनदेन और भाई की मौत का बदला लेने के लिए की थी। इसी गैंग ने 2012 में कंकखेड़ा क्षेत्र में दिल्ली पुलिस के सिपाही की गोली मारकर हत्या की थी।
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एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर वारदात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर की रात करीब नौ बजे शास्त्री की कोठी के पास दुकान में घुसकर विशाल उर्फ राजू की हत्या कर दी थी। खुलासे के लिए पुलिस और एसटीएफ को लगाया गया था। एसटीएफ टीम के प्रभारी एसआई राकेश कुमार को शुक्रवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि हत्यारोपी शारदा रोड पर एक्टिवा से जा रहे हैं। ब्रह्मपुरी इंस्पेक्टर दिनेश सिंह और एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी करते हुए दो एक्टिवा पर सवार तीन-तीन युवकों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने फायरिंग कर दी। पुलिस ने एक एक्टिवा सवार तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गये आरोपी शकील पुत्र इस्माईल निवासी गांव पांची थाना चांदीनगर जिला बागपत, धर्मेंद्र पुत्र मामचंद निवासी कैनरा बैंक वाली गली कस्बा बुढ़ाना जिला मुजफ्फरनगर और रोहित पुत्र रामफल निवासी खड़ौली थाना कंकरखेड़ा हैं। मुख्य आरोपी समेत तीन बदमाश अभी फरार हैं। फरार बदमाशों में अभिषेक उर्फ बब्बू पुत्र मायाप्रकाश निवासी ब्रह्मपुरी हाल निवासी खड़ौली थाना कंकरखेड़ा, सुमित पुत्र वेदप्रकाश निवासी खड़ौली और आरिफ पुत्र मुन्तियाज निवासी खड़ौली हैं। गिरफ्तारी के लिए सीओे ब्रह्मपुरी धर्मेंद्र चौहान को लगाया गया है। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम को पांच हजार का पुरस्कार देने की भी घोषणा की गई है।

खड़ौली में बनाई थी हत्या की प्लानिंग
एसपी सिटी ने बताया कि विशाल उर्फ राजू की हत्या का कारण पैसों का लेनदेन सामने आया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 26 नवंबर की शाम को सभी ने खड़ौली में एक साथ बैठकर बब्बू के घर में शराब पी थी। बब्बू ने कहा विशाल उर्फ राजू पर दस लाख रुपये से अधिक हैं। अगर आज उसने पैसे नहीं दिए तो जिंदा नहीं छोड़ेंगे। बब्बू ने शराब के नशे में यह भी कहा कि मुझे शक है कि राजू ने ही मेरे भाई की हत्या कराई है। शकील की बब्बू से चार साल पुरानी दोस्ती है, जबकि धर्मेंद्र का तीन साल से बब्बू के यहां आना जाना था। रोहित गांव का होने के नाते बचपन का दोस्त है। राजू को पहली गोली बब्बू ने मारी थी, उसके बाद दूसरी गोली आरिफ ने मारी थी। हत्या के बाद सभी खड़ौली में पहुंचे और मोबाइल बंद कर रहने लगे। 27 की सुबह फरार हुए।
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सिपाही की हत्या में गया था जेल
एसपी सिटी ने बताया कि बब्बू और शकील शॉर्प शूटर हैं। मई 2012 में कंकरखेड़ा क्षेत्र में दिल्ली पुलिस की टीम से बब्बू की मुठभेड़ हो गई थी। दोनों ने दिल्ली पुलिस के सिपाही संजीव की हत्या कर दी थी। अभिषेक उर्फ बब्बू, शकील और एक अन्य जेल गया था।

हत्या के बाद परिजनों पर डाला था दबाव
पुलिस ने बताया कि राजू के परिजनों ने बब्बू पर शक जताया था। मृतक के भाई बॉबी से भी पूछताछ की गई। हत्यारोपी अभिषेक उर्फ बब्बू ने मृतक के परिजनों को धमकी देते हुए दबाव बनाया था कि वह लेनेदन का विवाद पुलिस को न बताए। एसपी सिटी ने बताया कि मृतक राजू की दोस्ती 50 हजार के इनामी रह चुक ा प्रवीण शर्मा से भी थी। हालांकि चर्चा यह भी रही कि बब्बू कन्फे क्शनरी दुकानदार राजू से रंगदारी मांगता था। कई बार राजू ने पैसे भी दिए थे। बाद में रंगदारी के पैसे नहीं देने पर राजू की हत्या की गई है। एसपी सिटी का कहना है कि रंगदारी की बात बब्बू के पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगी।
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