वहीं दोनों ने पुलिस को बताया कि जगाधरी निवासी जगदीश को उसके घर में सोना गड़ा होने का प्रलोभन देकर उससे तीन लाख रुपए वसूले थे। पुलिस को विनोद के कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस और 90 हजार रुपए बरामद हुए, जबकि जाकिर उर्फ भूरा के पास से चांदी के नौ सिक्के, दो पीली धातु के गुटके, एक डिब्बी कस्तूरी और सौ रुपए बरामद हुए। दोनों के पास से एक मारुति 800 कार मिट्टी से भरे लाल कपड़े से बंधे पांच मटके भी बरामद हुए हैं।
थाना प्रभारी मनोज चौधरी ने बताया कि दोनों लोग क्षेत्र में घूमकर लोगों को उनके घरों में धन गड़ा होने की बात बताते थे और उस धन को तंत्र विद्या से निकालने की एवज में मोटी रकम वसूलते थे।
ऐसे करते थे ठगी
दोनों ठग भोले भाले लोगों को उनके घर में धन गड़ा होने की बात कहते थे। ऐसे घर और परिवारों के सदस्यों की रेकी करते थे। उसके बाद ये देखते थे कि कौन सा परिवार उनके झांसे में आ सकता है। जिस परिवार का कोई भी जिम्मेदार सदस्य उनके झांसे में आ जाता था तो उसके माध्यम से परिवार के बाकी लोगों के मन में लालच भर देते थे। दैवीय और छुपा हुए धन के लालच में लोग उनकी बात मानना शुरू कर देते। इसका फायदा उठाकर ये लोग पहले झूठा तंत्र फैलाते और फिर ठगी कर फरार हो जाते। जग हंसाई के डर से अधिकांश लोग रिपोर्ट दर्ज नहीं कराते थे।
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