वहीं पूछताछ में आरोपियों ने गिरोह के सरगना गांव कुटेसरा निवासी शहजाद पुत्र इकबाल के साथ काम करना बताया। गिरोह में कुटेसरा निवासी इरफान के साथ ही मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव अलियारपुर निवासी पप्पू उर्फ कद्दूस पुत्र यासीन भी काम करता है। उक्त तीनों फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
कंप्यूटर से फर्जी आरसी तैयार कर बेचते थे वाहन
एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि आरोपी वाहन चोरी करने के बाद मोबाइल ऐप पर उसी मेक की किसी अन्य दूरदराज क्षेत्र में चल रही गाड़ी तलाश करते थे। इसके बाद उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर चोरी की गाड़ी पर डालकर फर्जी आरसी तैयार करते थे। बाद में उन वाहनों को मार्केट रेट से कम दाम पर बेच दिया जाता था। आरोपियों द्वारा बेचे गए वाहनों की जानकारी ली जा रही है।
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