ट्रेन में हुई संगीन वारदात का जीआरपी ने खुलासा तो कर दिया, लेकिन आला कत्ल बरामद न होने पर इस पर सवाल भी खड़े हो गए हैं। एसओ जीआरपी अशोक वर्मा के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से एक रेशू ने नासिर से पेचकस छीनकर उसी पर ताबड़तोड़ वार किए थे, जबकि फरार आरोपी शामली निवासी जीवन ने हथौड़ा मारा था। अभी छह आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है। संभव है कि उनसे ये हथियार बरामद हो जाएं।
स्टेशन पर हुई शनाख्त परेड
एसपी जीआरपी के अनुसार आरोपियों को मीडिया के सामने पेश करने से पहले सहारनपुर के पीड़ित यात्रियों को बुलाया गया था। उन्होंने ही शनाख्त परेड में इन गिरफ्तार सभी नौ आरोपियों को पहचाना। जिनके संतुष्ट होने बाद ही आरोपियों के खिलाफ लिखा पढ़ी की गई है।
एकदम से मचा खूनखराबा
आरोपियों ने बताया कि चलती ट्रेन में अचानक ही खूनखराबा मचा था। दोनों पक्षों के यात्रियों ने एक-दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप लगाए। सहारनपुर के यात्रियों ने शामली के यात्रियों पर जानलेवा हमले करने का आरोप लगाया, लेकिन सहारनपुर के इन कारीगरों के पास जो औजार थे, वही उनके लिए घातक साबित हुए थे। शामली निवासी आरोपी हमलावरों ने दावा किया कि लड़ाई की शुरुआत सहारनपुर के यात्रियों ने ही कोटा से की थी।
हमसे बर्दाश्त नहीं हुई दादागिरी
गिरफ्तार आरोपी शामली के लांक निवासी ओमवीर ने पत्रकार वार्ता के दौरान दावा किया कि सहारनपुर वाले दादागिरी से सीट पर बैठना चाहते थे। बदतमीजी से बोल रहे थे। वह अपने बढ़ई गिरी वाले धारदार औजार दिखाकर हमें डरा-धमका रहे थे। दो बार उन्होंने हमें पीटा। कोटा के पास उन्होेंने उसके भाई सोमपाल को नीचे डालकर बुरी तरह से पीटा कि वह बेहोश हो गया। धमकी दी कि सहारनपुर फोन कर अपने साथियों को बुलाएंगे। अब हमने जो किया, अपने बचाव में किया। वहीं पीड़ित पक्ष के नदीम का दावा है कि शामली वाले यात्रियों ने सिख युवकों से झगड़ा किया था। हम बीचबचाव में आए तो हमें पीटा गया।
सलमान की थी खून में सनी शर्ट
घटना के बाद जीआरपी को कैंट स्टेशन के पास खून से सनी शर्ट और चप्पल मिली थी। पहले समझा गया कि शायद यह हमलावरों की हो, लेकिन जांच के बाद पता चला कि यह शर्ट हमले में घायल सलमान की है।