किडनेपर को जाल में फसाने के लिए प्रदीप को भेजा था फिरौती देने
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कांता मर्डर केस में पुलिस ने फाइनेंसर युवती की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए थे। कांता किसी तरह सुरक्षित मिल जाए और किडनेपर पकड़े जाएं इसको लेकर पुलिस ने जाल बिछा दिया था। इस जाल में किडनेपर को फांसने के लिए पुलिस ने प्रदीप को उन्हें रुपये देने के लिए भेजा था।
मगर किडनेपर ने अपने पीछे आ रही एक संदिग्ध बाइकर्स को देखकर गाड़ी भगा ली और वे बताए गए स्थान पर नहीं पहुंचे। पुलिस की मानें तो किडनेपर ने जब रुपये लेने का ठिकाना बताया तो उन्होंने पूरी तरह रैकी भी की थी। रैकी के दौरान शायद उन्हें पुलिस के आने की भनक लग गई।
किडनेपर का लगातार कांताशर्मा के मुंहबोले भाई के साथ संपर्क हो रहा था। प्रदीप को उन्होंने दूसरी बार पानीपत के शनि मंदिर में बुलाया था। प्रदीप रुपयों से भरा बैग लेकर भी वहां पहुंच गया था मगर किडनेपर को वहां भी आसपास पुलिस होने का शह हो गया। वे इस बार भी रुपये लेने नहीं आए। इसके बाद उन्होंने फोन स्विच ऑफ कर दिया।
पुलिस की मानें तो बहुअकबरपुर के अमित उर्फ भोलू और प्रवीन को आमने सामने बैठाकर इंटेरोगेट किया जाएगा। इस मामले में अभी भी कई अनसुलझे सवाल हैं जिनका जवाब क्रॉस इंटेरोगेशन में ही पता चल पाएगा। दोनों बदमाश बड़े ही शातिर हैं जो बार बार बयान बदलने में माहिर हैं। इससे पहले भोलू ने खुद को केवल कैश निकालने तक ही सिमित बताया था। इंस्पेक्टर प्रहलाद सिंह का कहना है कि दोनों को इंटेरोगेट करने के बाद ही असल राज खुल पाएंगे।