किनौनी गांव से अवैध शराब बेचने के आरोप में शुक्रवार रात उठाए गए युवक की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि थर्ड डिग्री दिए जाने के कारण पीड़ित ने दम तोड़ा। गुस्साए लोगाें ने रात में ही तीन घंटे तक किनौनी-रसूलपुर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। रात तीन बजे एसपी देहात मौके पर पहुंचे। उधर, मृतक के भाई ने शनिवार सुबह आबकारी विभाग के सात कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आबकारी टीम ने शुक्रवार को किनौनी निवासी दलित मुकेश पुत्र ओमप्रकाश के घर दबिश दी। परिजनों का आरोप है कि आबकारी कर्मचारी मुकेश को गाड़ी में डालकर ले गए। ग्रामीणों का कहना है कि मुकेश के पास से कुछ भी बरामद नहीं हुआ था। रात में आबकारी टीम ने मुकेश से पहले रोहटा और फिर मेरठ ले जाकर पूछताछ की। उसकी हालत बिगड़ने पर आबकारी टीम ने रात में परिजनों को सूचना देकर मेरठ के ईव्ज चौराहा स्थित कार्यालय पर बुलाया।
मुकेश के परिजन पूर्व प्रधान देवेंद्र गुर्जर के साथ वहां पहुंचे। आबकारी कर्मचारियों ने मुकेश से एक पेटी शराब बरामद होने की बात कही। परिजनों का आरोप है कि वहीं पर मुकदमा लिखकर उसी समय मुकेश को जमानत दे दी गई। परिजन मुकेश को लेकर घर जाने लगे तो उसने खुद को थर्ड डिग्री दिए जाने की बात कही। मुकेश की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे लेकर एसएसपी आवास पहुंचे।
इस पर पुलिसकर्मियों ने सुबह ऑफिस में आकर मिलने की बात कही। परिजन मुकेश को लेकर किनौनी पहुंचे तो वह दर्द से कराह रहा था। उसे गांव में ही चिकित्सक को दिखाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने मुकेश का शव रसूलपुर-किनौनी मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीण अधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगे। रात में करीब तीन बजे एसपी देहात डॉ. प्रवीन रंजन और सीओ सरधना ब्रजेश कुमार मौके पर पहुंचे। इस पर ग्रामीण आबकारी विभाग की टीम को उन्हें सौंपने की बात कहने लगे। एसपी देहात नेरिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया। तब कहीं जाकर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शनिवार सुबह मृतक के भाई सुनील ने आबकारी टीम के सात अज्ञात कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।