हिस्ट्रीशीटर हाजी गल्ला के गोदाम में बृहस्पतिवार लूट और चोरी की गाड़ियां जला दी गई। 20 दिन पहले इसी गोदाम में पुलिस ने छापा मारा था। छापे के दौरान सील गोदाम से 450 गाड़ियां गायब मिली थी। इस गोदाम में सील लगाने की बात कहकर पुलिस जांच करने का दावा कर रही थी। अब आग को लेकर सवालिया निशान लग गए हैं।
सोतीगंज में लूट और चोरी के वाहन काटने वाले हिस्ट्रीशीटर हाजी गल्ला का कैंट स्थित वेस्ट एंड रोड पर गोदाम बना हुआ है। दो साल पहले तत्कालीन एएसपी अभिषेक सिंह ने इसी गोदाम पर छापा मारा था। जहां करीब 500 चोरी और लूट की गाड़ियां मिली थी। इस मामले में हाजी गल्ला जेल गया था। योगी गोदाम को सील कर दिया गया था। सरकार के बनते ही छह अप्रैल को सदर पुलिस ने इसी गोदाम पर फिर छापा मारा। जहां पर मात्र 50 गाड़ियां मिली। पुलिस जांच में जुटी थी।
धू धू जला गोदाम, खलबली
बृहस्पतिवार रात करीब 8:30 बजे गल्ला के इसी गोदाम पर अचानक आग लग गई। गल्ला के गोदाम धू धू करके जला तो आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। सूचना पर सदर पुलिस व फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची। पुलिस ने गोदाम में लगी आग बुझा दी। इंस्पेक्टर सदर बाजार पंकज पंत का कहना है कि आग के पीछे कोई दूसरी साजिश भी हो सकती है। आग कैसे लगी, इसकी पुलिस गंभीरता से जांच करेगी। गोदाम बंद पड़ा हुआ है, इसमें आग किसने लगा दी। इसको लेकर पुलिस भी हैरान है।
गाड़ी तो नहीं कट रही थी?
लोगों में चर्चा है कि गोदाम में कटर से गाड़ियां कट रही थी? जिसके चलते पेट्रोल की टंकी में आग लगी और फिर गोदाम में फैल गई। हालांकि पुलिस ने इस बात से इंकार किया है। पुलिस का कहना है कि गोदाम के पास दुकानों में लोहे के खराद का काम होता है। हो सकता है कि खराद मशीन की चिंगारी से आग लगी हो।