फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तार फैक्ट्री में 20 लाख की लूट

Tue, 21 Jun 2016 03:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
परतापुर क्षेत्र के मोहकमपुर इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार दोपहर चार नकाबपोश बदमाशों ने तार फैक्ट्री में घुसकर 20 लाख की लूट अंजाम दे दी। पीड़ित फैक्ट्री मालिक ने घटना के साढे़ छह घंटे बाद पुलिस को सूचना दी। उधर, पुलिस ने मौका मुआयना के बाद प्रथम दृष्टया वारदात को संदिग्ध माना है।
विज्ञापन

सिविल स्ट्रीट सदर बाजार निवासी मनीष जैन की मोहकमपुर में लोहे के तार बनाने की फैक्ट्री है। मनीष के अनुसार सोमवार दोपहर दो बजे वह ऑफिस में थे। इसी दौरान हाथों में तमंचे लेकर चार नकाबपोश बदमाश अंदर दाखिल हुए। इससे पहले वह कुछ समझ पाते बदमाशों ने उन्हें बंधक बना लिया।
बदमाशों ने ऑफिस की दराज में रखी 18 लाख की नकदी लूट ली। साथ ही उनके गले से सोने की दो चेन, अंगूठी, घड़ी और मोबाइल भी लूट लिए। आरोपी डेबिट कार्ड और गाड़ी की चाबी भी ले गए। रात करीब साढे़ आठ बजे फैक्ट्री मालिक ने व्यापारियों के साथ परतापुर थाने पहुंचकर सूचना दी। देर रात एसपी सिटी ओमप्रकाश, सीओ ब्रह्मपुरी रफीक अहमद, एसओ परतापुर मौके पर पहुंचे। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है। देर रात तक पुलिस थाने में उद्यमी से पूछताछ कर रही थी। व्यापारी थाने पर ही डटे थे।
विज्ञापन


पुलिस की दलील पर गुस्साए व्यापारी
परतापुर थाना क्षेत्र के रिठानी में हुई 20 लाख की लूट के मामले में पुलिस के रवैये को लेकर व्यापारियों में उबाल है। पुलिसकर्मियों ने आपस में वार्ता के दौरान घटना को लेकर संदेह जताया तो व्यापारी बिफर गए। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस घटना की जांच किए बिना ही उसे संदिग्ध बताने का प्रयास कर रही है। देर रात मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पड़ोस में बनी डेयरी संचालकों से भी पूछताछ की। संचालक ने दोपहर में बाइक सवार युवकों के फैक्ट्री में पहुंचने की बात स्वीकारी है।
सिविल स्ट्रीट सदर बाजार निवासी मनीष जैन ने दोपहर दो बजे हुई लूट की घटना पुलिस को साढे़ छह घंटे बाद दी। 20 लाख की लूट होने की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना पुलिस अधिकारियों को भी दी गई। मौके पर एसपी सिटी ओमप्रकाश और सीओ ब्रह्मपुरी रफीक अहमद भी पहुंचे। वहां पुलिस अधिकारियों ने आसपास के लोगों से पूछताछ की तो लोगों ने भी दोपहर में बाइक सवारों के आने की पुष्टि की।
इसी दौरान पुलिसकर्मी आपस में वार्ता कर रहे थे। वह घटना को लेकर संदेह जता रहे थे। व्यापारियों ने यह बात सुनी तो वह बौखला गए। उन्होंने कहा कि हर घटना फर्जी नहीं होती। व्यापारियों ने कहा कि घटना के बाद फैक्ट्री मालिक दहशत में आ गया था। इस कारण वह डर कर घर चला गया। उधर, मनीष जैन का कहना है कि घटना के तुरंत बाद ही उन्होंने फैक्ट्री के एक कर्मचारी को थाने भेजकर घटना की सूचना दी थी। परतापुर थाने के एक दरोगा मौके पर आए भी थे। एसओ परतापुर रण सिंह का कहना है कि दोपहर में मिली सूचना के आधार पर दरोगा ने मौके पर जाकर जांच भी की थी। फैक्ट्री मालिक वहां नहीं मिले थे।

बाऊ जी जरा बाहर तो आ जाओ
मेरठ। फैक्ट्री मालिक मनीष जैन ने बताया कि दो बजे जब बदमाश आए वह अपने ऑफिस में बने बाथरूम में थे। बदमाशों ने कहा कि बाऊ जी जरा बाहर तो आओ,  बात करनी है। वह जैसे ही बाहर आए तो बदमाशों ने उन्हें बंधक बना लिया। आशंका यह भी है कि बदमाशों में से कोई फैक्ट्री का वर्तमान या पूर्व कर्मचारी भी हो सकता है।
विज्ञापन



पुलिस के संदेह की वजह
इतनी बड़ी रकम फैक्ट्री में कई दिन तक क्यों रखी रही?
फैक्ट्री में सीसीटीवी कैमरा लगा है, लेकिन तार क्यों हटे हैं?
सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर सिस्टम भी नहीं है?
फैक्ट्री के गेट पर लगा ताला भी बेहद कमजोर है?
दोपहर में दरोगा को घटना की जानकारी क्यों नहीं दी?
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें