पुलिस अधिकारी से कार्रवाई की मांग करते परिजन।
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कंकरखेड़ा के कासमपुरा से आर्मी स्कूल के 11वीं के छात्र का रविवार सरेशाम अपहरण हो गया। वह इवनिंग वॉक पर निकला था। देर रात छात्र के मोबाइल फोन से उसके पिता को धमकी भरा एसएमएस आया तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने कंकरखेड़ा थाने में तहरीर दी है। कासमपुर निवासी दीपक राजपूत दिल्ली की एक प्राइवेट फर्म में सेल्स मैनेजर हैं। उनका बेटा शिवा (17) आर्मी स्कूल में कक्षा 11 का छात्र है। परिजनों के अनुसार रोजाना की तरह रविवार शाम पांच बजे शिवा घर से वॉक पर निकला था। लेकिन काफी देर तक नहीं लौटा। उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। पिता दीपक के अनुसार रात करीब 10 :15 बजे उसका फोन मिला तो शिवा ने बताया कि कुछ लोग उसे कार में डालकर कहीं ले जा रहे हैं। उसे बुरी तरह पीट रहे हैं। उन्होंने लोकेशन पूछी तो शिवा ने बताया कि कार में अंधेरा है। उसे कुछ नजर नहीं आ रहा। तभी उसके हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया गया। उसके चीखने की आवाज आई और फोन कट गया।
‘बेटे की जान बचानी है तो बचा ले’
बकौल दीपक उनके मोबाइल फोन पर शिवा के मोबाइल फोन से एसएमएस आया। इसमें लिखा था कि ‘बेटे की जान बचानी है तो बचा ले’। यह पढ़कर दीपक के पैरों तले से जमीन खिसक गई। वह अपने परिजनों के साथ कंकरखेड़ा थाने पहुंचे तो काफी मशक्कत के बाद तहरीर ली गई। शिवा की मां पुष्पा का बुरा हाल है। कंकरखेड़ा इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल ने बताया कि तहरीर आई है। लेकिन मामला सदर थाने का लग रहा है। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने फिर भी नहीं सुनी
दीपक के अनुसार रात को जब शिवा से फोन पर बात हुई तो वह तुरंत ही कंकरखेड़ा थाने पहुंचे। लेकिन थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों ने मामला सदर थाने का बताकर तहरीर लेने से ही मना कर दिया। इसी बीच रात 11:03 बजे जब वह थाने में ही थे तो तभी उनके मोबाइल फोन पर शिवा के मोबाइल से भेजा गया धमकी भरा एसएमएस आया। ये एसएमएस भी पुलिस वालों को दिखाया। लेकिन इसके बाद भी वे सुनने को तैयार नहीं थे। उनके साथी भाजपा नेता सुमित शर्मा ने पुलिस अधिकारियों से बात की, तब जाकर उनकी तहरीर ली गई।
परिजनों की तहरीर आई है। मामला सदर थाना क्षेत्र का है। दोनों थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमें गंभीरता से जांच में जुटी हैं। परिजनों से बात की जा रही है। सर्विलांस की मदद भी ली जा रही है। -आलोक प्रियदर्शी एसपी सिटी