कुख्यात शरद गोस्वामी का कहना है कि वह तो इस बड़े गैंग की एक कड़ी है, सरगना तो मुंबई में बैठा नदीम है। चोरी और लूट के मोबाइल मुंबई पहुंचाने पर उसे कमीशन और बोनस मिलता था। विदेशों का टूर पैकेज भी मिल जाता था। पहले दिन पुलिस ने शरद को रिमांड पर लिया, तो उसने यह बात बताई। अब वह ऐसा खुद को बचाने के लिए कह रहा है या वाकई में सरगना नदीम है, यह जांच का विषय है।
चोरी और लूट के मोबाइल खपाने के लिये शरद ने विदेशों तक नेटवर्क फैला लिया था। पुलिस ने शुक्रवार को रिमांड पर लेकर शरद से पूछताछ की। पुलिस का दावा कि शरद ने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी हैं। उसने बताया है कि अपराध की दुनिया में उसका उस्ताद नदीम है, जो मुंबई में बैठा है। मुंबई तक चोरी व लूट के मोबाइलों को पहुंचाने की जिम्मेदारी शरद पर थी। उसके बाद विदेशों तक मोबाइल नदीम पहुंचाता था। शरद के गैंग में जुड़े 100 से अधिक बदमाश चोरी और लूट कर मोबाइल लाते थे, जिनको वह मुंबई तक नदीम के पास पहुंचाता था। इसके बदले में शरद को हिस्सा मिलता था। दस हजार रुपये कीमत के मोबाइल पर 200 रुपये, 15-20 हजार के मोबाइल पर 300 रुपये और 50 हजार से अधिक कीमत के मोबाइल पर एक हजार रुपये मिलते थे। एक साथ 1000 मोबाइल पहुंचाने पर विदेशों में घूमने का पैकेज और अलग से बोनस मिलता था। देशभर के मोबाइल चोर शरद गोस्वामी को जानते हैं।
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मुंबई भी जा सकती पुलिस
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा बीपी राणा ने बताया कि नदीम के एंगल पर भी जांच की जा रही है। शरद का तीन दिन का रिमांड अभी बचा हुआ है। शरद को पुलिस टीम मुंबई लेकर जा सकती है, ताकि नदीम की तलाश की जा सके। हालांकि पुलिस का मानना कि नदीम अगर वाकई में है, तो उसने अपना ठिकाना बदल लिया होगा।
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