दो दिन तक पुलिस को गुमराह करते रहे आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी शमशेर और इजराइल खुद को बचाने के लिए पुलिस के सामने उन युवकों पर हत्या का आरोप लगाते रहे, जिन युवकों से मुसरत फोन पर बात करती थी। इसके चलते पुलिस ने कस्बा निवासी दो युवकों से पूछताछ भी की थी, लेकिन पुलिस की जांच में उनका दोष नहीं पाया गया।
शव पूरा जल जाता तो उलझ सकता था मामला
एसपी ने बताया कि पिता-पुत्र रात के तीन बजे मुसरत को लेकर खेत में पहुंचे। हत्या के बाद शव को पूरी तरह जलाने की योजना थी। दोनों पिता-पुत्र रात तीन बजे से सुबह पांच बजे तक शव को जलाने की कोशिश करते रहे। उन्हें यह बात पता थी कि पांच बजे ग्रामीण सो कर उठ जाते हैं और उनका खेत पर जाना शुरू हो जाता है। इसलिए पांच बजे दोनों शव को जलता हुआ छोड़ भागे, ताकि उन्हें कोई देख न ले। यदि शव पूरा जल जाता तो उसकी पहचान करना पुलिस के लिए मुश्किल हो जाता और केस उलझ सकता था।
छह बीघा जमीन से परिवार पालता है शमशेर
पुलिस पूछताछ में शमशेर ने बताया कि वह छह बीघा कृषि भूमि में खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन करता है। गांव में गरीब परिवार की श्रेणी में आता है। बताया कि मुसरत की वजह से उसकी लगातार बदनामी हो रही थी। उसने सोचा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो उसके बच्चों की शादी नहीं होगी। यही वजह थी कि मुसरत के कई रिश्ते तय होने से पहले ही टूट जाते थे।
केस का खुलासा करने वाली टीम
थानाध्यक्ष संदीप बालियान, एसआई पवन सैनी, नरेश कुमार, अंकुर शर्मा, सुरेंद्र, स्वाट टीम प्रभारी मुनेंद्र सिंह, सत्यपाल सिंह, दुर्वेश डबास, विकास कुमार, प्रवीण कुमार, नितिन इस केस का खुलासा करने वाली टीम में शामिल रहे।
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