पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब कानून गोयान मोहल्ले में स्थित स्कूल के पुराने भवन में सैक्स रैकेट चलता मिला। बेसिक शिक्षा विभाग की टीम इस भवन को खाली कराने के लिए फोर्स लेकर पहुंची थी। पुलिस की मौजूदगी में दो युवती और एक युवक चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से भारी संख्या में आपत्तिजनक सामग्री बरामद करते हुए रैकेट संचालिका को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार देहली गेट थाना क्षेत्र में लाला का बाजार से सटे कानून गोयान में बेसिक शिक्षा परिषद का प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल है। भवन के आधे भाग में स्कूल की नई बिल्डिंग में स्कूल चल रहा है, जबकि आधे भाग में बने तीन कमरों में संतोष अपने परिवार के साथ रह रही थी। सोमवार सुबह करीब 11 बजे बीएसए मोहम्मद इकबाल, नगर शिक्षा अधिकारी एसके गिरी, सीओ कोतवाली रणविजय सिंह और इंस्पेक्टर देहली गेट मिथलेश उपाध्याय पीएसी लेकर भवन खाली कराने पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस को देखकर महिला ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। बाद में पुलिस ने किसी तरह दरवाजा खुलवाकर भवन खाली कराने को कहा।
इस बीच कमरे से दो युवतियां और एक युवक इंस्पेक्टर और सीओ के सामने से होते हुए भाग खड़े हुए। सीओ और इंस्पेक्टर अंदर घुसे तो एक कमरे में बेड पर आपत्तिजनक सामग्री देखकर पूरा माजरा समझ गए। पुलिस ने महिला से पूछताछ की तो वह सकपका गई। पुलिस ने अन्य कमरों की तलाशी ली तो अलग-अलग स्थान से काफी संख्या में आपत्तिजनक सामग्री मिली। इस पर महिला को सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार कर थाने भेज दिया गया। जिसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने भवन खाली कराकर अपना कब्जा ले लिया।
60 साल पुराना है भवन:
बीएसए और नगर शिक्षा अधिकारी के अनुसार यह भवन करीब 60 साल पुराना है। उस समय नगर निगम का भवन था। जिसमें संतोष का परिवार लंबे समय से रहा। बाद में नगर निगम में कर्मचारी संतोष के बेटे अनिल ने यह भवन अपने नाम एलॉट करा लिया था। दो साल पहले बेसिक शिक्षा विभाग इस पर कब्जा लेने के लिए कोर्ट चला गया था। मामला एसीएम सदर की कोर्ट के यहां चल रहा था। सात नवंबर 2016 को एसीएम सदर ने इंस्पेक्टर देहली गेट और नगर निगम को आदेश दिए थे कि बेसिक शिक्षा विभाग के भवन को खाली कराया जाए। कोर्ट के आदेश पर पुलिस फोर्स और बेसिक शिक्षा विभाग की टीम खाली कराने पहुंची थी। बीएसए ने बताया कि भवन के आधे भाग पर जहां महिला रह रही थी, वहीं आधे भाग में नई बिल्डिंग बनी हुई है उसमें प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूल चल रहा है। इस समय 60 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। पुराने भवन और स्कूल का गेट अलग-अलग है।
एक तरफ स्कूल, दूसरी तरफ सैक्स रैकेट
सीओ कोतवाली के मुताबिक, एक तरफ जहां स्कूल चल रहा था, तो पुराने भवन में महिला सैक्स रैकेट चला रही थी। तीन कमरों के इस पुराने भवन के बाहर दीवार पर दो मोबाइल नंबर भी लिखे थे, जिनमें एक महिला का पाया गया। पड़ोस के लोगों ने सीओ को बताया कि महिला उसी समय गेट खोलती थी, जब कोई आता-जाता था। यहां आधी रात तक बाहरी लोगों का आना-जाना रहता था। महिला के पति की मौत हो चुकी है, एक लड़की को वह अपना रिश्तेदार बताती थी। पुलिस ने बताया कि मौके से एक हजार से ज्यादा आपत्तिजनक सामग्री के पैकेटों के अलावा कई आधार कार्ड और महिलाओं के फोटो बरामद किए गए हैं।
...साहब छोड़ दो, बदनाम हो जाऊंगी
महिला बार-बार पुलिस के सामने अपना नाम गलत बताने लगी। बाद में सीओ ने बीएसए से पत्र देखा तो महिला के असली नाम संतोष का पता चला। पुलिस जीप में बैठते ही महिला बिलख पड़ी। सीओ और इंस्पेक्टर से छोड़ने की गुहार लगाने लगी। महिला ने कहा कि उसे छोड़ दो, नहीं तो लोग उसे क्या कहेंगे। थाने में महिला ने कहा कि वह बर्बाद हो गई। अब घर से बेघर हो गई।