पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए शराब तस्करों ने मासूूम स्टूडेंट्स को ढाल बनाना शुरू कर दिया है। पांचवीं और छठी के दो स्टूडेंट्स के स्कूल बैग से पुलिस को शराब के 20 क्वार्टर मिले हैं। मामला तब खुला जब पीएसी तिराहे पर रूटीन चेकिंग देख दोनों बच्चे भागने लगे।
पुलिस ने दोनों को रोककर स्कूल बैग चेक किए तो उसमें किताबों की जगह शराब के क्वार्टर निकले। बच्चों ने बताया कि उन्हें शराब के ये क्वार्टर आदर्श कालोनी में ही उनके पड़ोस में रहने वाले एक शख्स ने दिए थे।
पीली कोठी तक क्वार्टर पहुंचाने के बदले में दोनों बच्चों को सौ - सौ रुपये देने का लालच दिया गया था। हालांकि मासूम स्टूडेंट्स के भविष्य को देखते हुए पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया है लेकिन इसी आड़ में पुलिस ने बच्चों से क्वार्टर सप्लाई करा रहे शराब तस्कर को भी बख्श दिया।
मामला सिविल लाइंस की आदर्श कालोनी का है। यहां रहने वाले एक रेल कर्मी के दो बेटे पास में ही एक स्कूल में पांचवीं और छठी में पढ़ते हैं। दोनों बच्चों की उम्र ग्यारह और तेरह साल है। घटना शनिवार की है। स्कूल की छुट्टी के बाद दोनों भाई स्कूल बैग कंधों पर टांगकर स्कूल से घर के लिए चले थे।
लेकिन रास्ते में कालोनी का ही एक युवक मिल गया और उसने दोनाें बच्चों को लालच देकर रोक लिया। उसने बच्चों को लालच दिया कि यदि वह उसका एक छोटा सा काम कर देेंगे तो वह उन्हें सौ - सौ रुपये देगा।
बच्चों ने हामी भर दी तो वह दोनों को एक मकान में ले गया और दोनों के स्कूल बैग से किताबें निकालकर उसमें शराब के दस - दस क्वार्टर रख दिए। इस शराब तस्कर ने बच्चों से कहा कि क्वार्टर पीली कोठी पर खड़े एक बाइक सवार व्यक्ति को देने हैं। इसके बदले में वह दोनों को सौ - सौ रुपये देगा।
शराब तस्कर के झांसे में आए बच्चे शराब के क्वार्टर लेकर पीली कोठी को चल दिए। लेकिन पीएसी तिराहे पर पुलिस को रूटीन चेकिंग करता देख बच्चे डर गए। सहमे बच्चों ने वापस भागना शुरू किया तो पुलिस को लगा कि बच्चों का एक्सीडेंट न हो जाए।
पुलिस ने दौड़कर दोनों बच्चों को रोक लिया। पुलिस के पकड़ते ही बच्चे रोने लगे। पुलिस ने दोनों के स्कूल बैग चेक किए तो उसमें शराब के 10-10 क्वार्टर निकले। पुलिस ने दोनों छात्रों के परिजनों को बुला लिया। बच्चाें से पूछा गया तो उन्हाेंने शराब तस्कर की पूरी कहानी पुलिस को बताई।
शराब तस्कर की हरकत को देख पुलिस भी हैरान रह गए। हालांकि बाद में पुलिस ने दोनों बच्चों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया। लेकिन मासूमों को शराब की तस्करी में धकेल रहे शराब तस्कर को भी पुलिस ने इसी की आड़ में बगैर कार्रवाई के छोड़ दिया। हालांकि अब अधिकारी उसके खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रहे हैं।