इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी अजय अग्रवाल को शक हुआ कि आखिर शव के पास आधार कार्ड क्यों पड़ा मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि मोबीन का एक दोस्त आरिफ उर्फ मामा (25) पुत्र गफ्फार निवासी शानदार गार्डन लिसाड़ी गेट है। पुलिस आरिफ के घर गई और परिजनों से पूछताछ की। परिजनों ने शव देखा। गले में ताबीज और चप्पल के आधार पर परिजन बोले कि यह शव आरिफ का है।
कर्ज से बचने के यह ड्रामा
सीओ ब्रह्मपुरी धर्मेंद्र चौहान के अनुसार हत्यारोपी मोबीन को दिल्ली रोड से गिरफ्तार कर लिया गया। उसे बृहस्पतिवार को मीडिया के सामने पेश किया गया। सीओ के मुताबिक आरोपी मोबीन ने बताया वह फल मंडी में काम करता था। व्यापारियों का उस पर एक लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज है। आरिफ उसका दोस्त था। उसने आरिफ को शराब पिलाकर गला घोटकर मारा था और पहचान छिपाने के लिए शव तेजाब से जलाया था। लोग यह शव मेरा (मोबीन का) समझें इसलिए शव के पास अपना आधार कार्ड और शर्ट डाली थी। ताकि मेरे मरने का पता चलने पर कोई व्यापारी तगादा न कर सके।
दो लोगों की हत्या के बाद पुलिस से स्थानीय लोगों की होती नोकझोंक। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
मुंबई भागना चाहता था
इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी ने बताया कि हत्यारोपी मोबीन मुंबई भागना चाहता था। मोबीन ने बताया कि उसने अंधा कानून फिल्म देखकर अपने दोस्त की हत्या कर खुद को अंडरग्राउंड करने का प्लान बनाया था। वह मुंबई भागने की फिराक में था। लेकिन उससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया। हत्यारोपी की निशानदेही पर आरिफ के कपड़े एक झाड़ी से बरामद कर लिए गए।
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