दीपावली का पूजन होने के चलते परिजनों ने 27 को मिठाई का डिब्बा नहीं खोला। सोनू के भाई मनोज कुमार ने बताया कि 28 अक्तूबर को दोपहर लगभग सवा तीन बजे पिता पीतांबर के मोबाइल पर कॉल आई, जिसमें कहा गया कि अभी तक फिरौती का इंतजाम नहीं किया। पीतांबर ने घर पहुंचकर यह बात बताई। आसपास के लोगों से भी किसी पत्र के बारे में पूछा, लेकिन पता नहीं चला। उसके बाद फिर फोन आया और अभद्रता करते हुए मिठाई के डिब्बे के बारे में बताया। तब परिजनों ने डिब्बा खोला, जिसमें सोनू का मोबाइल और 20 लाख की फिरौती की मांग करते हुए पत्र था। उन्होंने फिरौती मांगने वाले नंबर पर फोन किया तो वह स्विच ऑफ आया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
फिरौती मांगते रहे, नहीं कराई बात
भाई मनोज कुमार ने बताया कि आरोपी 30 अक्तूबर तक फोन करते रहे। 30 अक्तूबर की शाम को जब फोन आया तो उन्होंने सोनू से बात कराने को कहा। आरोपियों ने कहा कि सोनू अभी बात करने लायक नहीं है, बाद में बात कराएंगे, पहले पैसे का इंतजाम करो। यह बात पुलिस के सामने ही हुई, तब पुलिस दौड़ी और आरोपियों की धरपकड़ की। सोनू अविवाहित था और खेतीबाड़ी करता था। ट्रैक्टर चलाकर वह अतिरिक्त आय करता था।
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