उधर, एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि कुलदीप ने मृत्यु पूर्व अपना ऑडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें वह बोल रहा है कि मेरा सपना कुछ और बनना था, पुलिस में तो बहुत काम है। यदि परिवार द्वारा जो कुछ आरोप लगाया जा रहा है उसकी भी जांच कराई जाएगी।
ये था पूरा मामला
मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी कुलदीप सिंह चार माह से प्रशिक्षु उपनिरीक्षक के रूप में देवबन्द की रणखंडी पुलिस चौकी पर तैनात था। गुरुवार सुबह 8:00 बजे वह अपनी ड्यूटी समाप्त करने के बाद देवबंद के रेलवे रोड स्थित अपने आवास पर पहुंचा। उसके बाद उसने चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। साथी ने काफी देर तक उसका फोन लगाया। लेकिन जब काफी देर तक फोन नहीं मिला तो वह उसके आवास पर पहुंचा। दरवाजा न खुलने पर उसने पुलिस को भी सूचना दी।
वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर अंदर जाकर देखा तो कुलदीप सिंह फांसी पर लटका हुआ मिला। पुलिस का कहना है कि कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
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