दहशत में रहते हैं दूसरे छात्र
बुधवार को पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि तमंचे लेकर क्लास करने वाले छात्रों ने इतनी दहशत फैला रखी है कि दूसरे छात्र डर के चलते विरोध तक नहीं कर पाते हैं। पुलिस के अनुसार छात्रों ने बताया कि नामजद आरोपी अक्षय मलिक अपने साथियों के साथ डंडे लेकर पहुंचा तो एमबीए के छात्रों ने उस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद अक्षय के साथ आए एक युवक को बुरी तरह से पीट दिया। जिसके बाद अक्षय और उसके साथी भाग निकले। एसओ मेडिकल सतीश कुमार ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। एमबीए के छात्र द्वारा ही फायरिंग किए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रोक्टोरियल बोर्ड की टीम ने बुधवार को लाइब्रेरी में चेकिंग अभियान चलाकर छात्रों के आईकार्ड चेक किए।
दूसरे विभागों के गेट किए बंद
यूनिवर्सिटी में रोजाना कई सौ छात्र-छात्राएं अपने प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आते हैं। ऐसे में उनको मुख्य प्रशासनिक भवन और गोपनीय विभाग वाली बिल्डिंग में वेरीफिकेशन आदि के लिए जाना होता है। इसके साथ ही प्राइवेट फार्म भरे जाने को लेकर भी छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में यूनिवर्सिटी आ रहे हैं। लेकिन मंगलवार को एमबीए विभाग में फायरिंग के बाद बुधवार को गोपनीय विभाग और मुख्य प्रशासनिक भवन में कई जगहों पर चैनल बंद करा दिए गए। इसके चलते छात्रों को घूमकर आना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि अराजकता फैलाने वालों पर कार्रवाई हो नहीं रही और यहां गेट बंद किए जा रहे हैं।
सेल्फ फाइनेंस कोर्स वाले छात्र बिगाड़ रहे माहौल
सीसीएसयू कैंपस में पीजी कोर्स, एमफिल और पीएचडी में एंट्रेंस एग्जाम पास करने वाले छात्र-छात्राओं को ही एडमिशन मिलता है। इसकी मेरिट भी काफी ऊपर जाती है। ऐसे में इसमें पढ़ने वाले छात्र ही आते हैं। जबसे कैंपस में सेल्फ फाइनेंस और यूजी वाले कोर्स खुले हैं तबसे माहौल ज्यादा बिगड़ता जा रहा है।
कई विभागों में तो छात्र बस एडमिशन लिए हुए हैं। इनको विभागों में कोई देखने वाला नहीं है। सबसे ज्यादा माहौल यही बिगाड़ रहे हैं। कैंपस के कई सीनियर छात्रों का कहना है कि 12वीं पास करके आने वाले ये छात्र लग्जरी गाड़ियों में आते हैं। इनके साथ बाहरी युवकों की भीड़ रहती है। ये तमंचे और पिस्टल रखते हैं लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन आज तक किसी को पकड़कर सख्त कार्रवाई नहीं कर सका है। अगर इन छात्रों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो कैंपस का माहौल लगातार बिगड़ता चला जाएगा।
आईकार्ड से एंट्री पर सख्त क्यों नहीं प्रशासन
कैंपस में कई बार आईकार्ड से इंट्री किए जाने की बात कही गई है। लेकिन हर बार घटना के कुछ दिन बाद फिर से मामला रफादफा हो जाता है। यूनिवर्सिटी में जो भी बाहर से आते हैं, वे सभी छात्र हैं। ऐसे में उनके कॉलेज के आईकार्ड से एंट्री कराई जा सकती है। दूसरा पार्किंग को लेकर यूनिवर्सिटी प्लानिंग करे तो भीतर वाहनों के नहीं जाने से यूनिवर्सिटी का माहौल बदल जाएगा। लेकिन तमाम घटनाओं के बाद भी यूनिवर्सिटी सबक लेने को तैयार नहीं है। वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन अब कैंपस में चेकिंग के लिए प्रोक्टोरियल बोर्ड टीम के लिए बोलेरो गाड़ी भी खरीद रहा है। प्रोक्टोरियल बोर्ड टीम का कहना था कि उनके पास ऐसी गाड़ी नहीं है जिसमें सभी टीम घूम सके।
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