मेरठ शहर सराफा बाजार के सराफ मुकेश जैन के दो कर्मचारियों से गाजियाबाद में 28 मार्च को हुई 11.75 लाख कैश और 35 किलो चांदी की लूट का रविवार को खुलासा हो गया। एसएसपी गाजियाबाद दीपक कुमार के अनुसार सराफ का पूर्व ड्राइवर सुशील ही इस वारदात का मास्टर माइंड निकला। जिसने सराफ से बदला लेने के लिए लूट की साजिश रची थी। नौ में से चार बदमाशों को गाजियाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। जिनसे एक एसेंट कार, 18 किलो चांदी की ईंटें, 9 एमएम की पिस्टल और एक तमंचा बरामद किया है।
पकड़े गए आरोपी
ऋतुराज निवासी कंकरखेडा मेरठ, अनुज उर्फ विक्की निवासी मुजफ्फरनगर, सुशील निवासी सरूरपुर मेरठ, राजकुमार निवासी ब्रह्मपुरी।
इसलिए रखता था रंजिश
एसएसपी के अनुसार सुशील सराफ मुकेश जैन की गाड़ी चलाता था। उसने अपने पिता के बीमार होने पर सराफ से पांच हजार रुपये मांगे थे, जिसे सराफ ने देने से इंकार कर दिया था। उसके कुछ दिन बाद सुशील को लेकर मुकेश परिवार के साथ अंबाला घूमने गए थे। लौटते समय करनाल-मेरठ मोड़ पर स्थित ठेके पर सुशील ने गाड़ी रोककर शराब पीने के साथ शराब की बोतल भी खरीदी थी। जिस पर मुकेश ने उसे गाड़ी से उतार दिया था। उसकी हरकतें देख कुछ दिन बाद ही नौकरी से भी निकाल दिया था। उसके बाद से सुशील बदला लेने की फिराक में था।
सुशील ने किया ऋतुराज गैंग से संपर्क
सुशील को सराफ के कारोबार की पूरी जानकारी थी। उसने बदला लेने के लिए शातिर बदमाश ऋतुराज से सराफ की मुखबिरी की। इस वारदात में नौ बदमाशों को शामिल किया गया था।
कुख्यात बदमाश बना था फर्जी दरोगा
28 मार्च को सराफ का कर्मचारी नीरज और ड्राइवर मोनू मेरठ से दिल्ली कैश और चांदी लेकर स्विफ्ट डिजायर कार से निकले थे। ऋतुराज ने बाईपास से एसेंट कार से उनका पीछा शुरू कर दिया था। ऋतुराज की सूचना पर मेरठ तिराहे पर काले रंग की फॉरर्च्यूनर गाड़ी ने स्विफ्ट डिजायर कार को ओवरटेक कर रुकवा दिया था। फॉरर्च्यूनर में कुख्यात बदमाश कुलदीप उर्फ कपिल उर्फ डाक्टर हरियाणा के दरोगा की वर्दी पहनकर अपने साथियों के सवार था। चेकिंग की बात कहकर नीरज और मोनू को अगवा कर वापस मेरठ की तरफ ले गए थे। परतापुर के गून गेझा के जंगल में बदमाशों ने चांदी, कैश और कार कब्जे में कर दोनों को नशे की गोलियां खिलाकर बेहोश कर दिया था। फिर भोजपुर क्षेत्र के जंगल में दोनों को फेंककर फरार हो गए थे।
पुलिस से पहले ही जेल पहुंचे
एसएसपी ने बताया कि शातिर बदमाश कुलदीप महेंद्रगढ़ हरियाणा का रहने वाला है। उस पर राजस्थान, हरियाणा, यूपी, दिल्ली में ठगी, लूट, डकैती, हत्या के 18 मुकदमे दर्ज हैं। जिसे अलवर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल रोहित निवासी मेरठ ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। रोहित चार करोड़ की सोने की डकैती में हिमाचल प्रदेश से सजायाफ्ता है। लूट में शामिल दीपक निवासी मेरठ, गुलाब निवासी बीबीनगर (बुलंदशहर) और आशू निवासी गौतमबुद्ध नगर फरार हैं।
फॉरर्च्यूनर पर ऑडी का नंबर
पुलिस के मुताबिक लूट में प्रयुक्त फॉरर्च्यूनर पर सपा सरकार में रहे एक पूर्व कैबिनेट मंत्री के बेटे की ऑडी कार का नंबर था। फिलहाल फॉरर्च्यूनर बरामद नहीं हुई है।
सराफ रहते थे निशाने पर
ऋतुराज के गैंग के निशाने पर सराफ रहते थे। कुछ सदस्य सराफा व्यापारियों की रेकी करते थे। कुछ सदस्य लूट की वारदात को अंजाम देते थे। यह गैंग वेस्ट यूपी में वारदातों को अंजाम देता था। वारदात में लग्जरी गाड़ियों का प्रयोग होता था।
हम खुलासे से संतुष्ट
सराफ मुकेश जैन के बेटे नितेश जैन ने बताया कि वह इस केस के खुलासे से पूरी तरह संतुष्ट हैं। बरामद चांदी पर उनकी शॉप की मुहर लगी थी। जिसे हमने पहचान लिया। हालांकि लूट के माल का अभी केवल 25 प्रतिशत ही बरामद हुआ है। पुलिस बाकी चांदी और कैश भी जल्द बरामद करे।
बाऊ जी! नमस्ते
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सुशील का सराफ नितेश से आमना-सामना कराया तो सुशील ने उन्हें बाऊ जी कहकर नमस्ते की। लेकिन उन्होंने नमस्ते नहीं की। कहा पहले तो हमें लूटा और अब नमस्ते करता है।