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सुनियोजित तरीके से हत्या, राजदार ने की मुखबिरी 

Mon, 01 May 2017 10:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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देवीदास मोहल्ले में विलाप करते प्रापर्टी डीलर के परिजन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूराो
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रुड़की रोड पर शनिवार देर रात प्रॉपर्टी डीलर सुबोध शर्मा की गोली बरसाकर हत्या करने की वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे सुबोध से जुड़े रहे करीबी लोगों की भूमिका को तलाशा जा रहा है। अंदेशा है कि किसी निजी अदावत में यह हत्या की गई, जिसमें सुबोध की मुखबिरी किसी राजदार ने की। हालांकि अभी कोई आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा है। पोस्टमार्टम के बाद सुबोध के शव का रविवार को खतौली में अंतिम संस्कार किया गया।
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मूल रूप से खतौली के मोहल्ला देवीदास निवासी सुबोध पुत्र सुरेंद्र शर्मा वर्तमान में मोदीपुरम की आनंद निकेतन कॉलोनी में दूसरी पत्नी ज्योति, बेटे प्रभव (11) और बेटी आराध्या (4) के साथ रहते थे। शनिवार देर रात उनके परिचित खतौली निवासी सुधीर शर्मा की भतीजी की शादी हाईवे स्थित नारायण फार्म हाउस में थी। जिसमें शरीक होने के बाद सुबोध दोनों बच्चों के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे।

किसी करीबी पर शक
इंस्पेक्टर पल्लवपुरम के अनुसार सुबोध के भाई सुभाष की तहरीर पर हत्या में खतौली निवासी सुधीर शर्मा, राजबीर उर्फ टीटू, दीपक बंसल, मुजफ्फरनगर निवासी धर्मेंद्र और ड्रग इंस्पेक्टर राकेश यादव नामजद हुए हैं। पुलिस का मानना है कि हत्या की फुलप्रूफ प्लानिंग की गई। हत्यारों को पूरी जानकारी थी कि सुबोध कब घर से चला और कब शादी समारोह में शरीक होने के बाद स्कूटी से निकला। बच्चों को कुछ न कहने से स्पष्ट है कि हत्यारों का टारगेट सुबोध ही था, जो सुबोध से ही किसी खास रंजिश की तरफ इशारा करता है। एसओ पल्लवपुरम के अनुसार शनिवार रात ही शादी समारोह से एक युवक को हिरासत में लिया गया था। जिससे पूछताछ हो रही है।
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पांच गोलियां लगीं
पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से बताया कि सुबोध को पिस्टल की तीन गोलियां सिर और दो पेट में लगी थीं। मौके से तीन खोखे भी बरामद हुए हैं।
पुलिस ने बताए जांच के ये बिंदु
1. हत्या की वजह प्रॉपर्टी को लेकर विवाद, पारिवारिक विवाद, पैसे के लेनदेन को लेकर रंजिश मानी जा रही है। सुबोध ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी सुधा मोदीनगर निवासी है, जो सुबोध के घर खतौली में रहती है। दूसरी पत्नी ज्योति निवासी दिल्ली सुबोध के साथ मोदीपुरम में रहती थी।
2. नामजद राजबीर, दीपक, सुधीर और ड्रग इंस्पेक्टर राकेश यादव सुबोध के साथ प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़े थे। खतौली में मेडिकल स्टोर चलाने वाले सुधीर की राकेश यादव में दोस्ती थी। राकेश की सुबोध की बात बिगड़ गई थी। जिसके चलते उसने 27 जनवरी को विजिलेंस मेरठ से उसे मुजफ्फरनगर में पकड़वाया था। वह कुछ समय पहले ही जेल से छूटा है। सस्पेंड होने के बाद राकेश लखनऊ हेडक्वार्टर से संबद्ध चल रहा है।
3. खतौली में करीब बीस साल पहले एक हत्या में सुबोध नामजद हुआ था। हालांकि इसमें समझौता हो गया था। वहीं, नामजद दीपक ने भी गाड़ी के मामले में खतौली थाने में 17 जून 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुबोध ने एक गाड़ी खरीदी थी, जिसमें गारंटर दीपक था। गाड़ी की किश्त न देने पर नोटिस आने पर विवाद हुआ था। दीपक ने पैसा जमा कर गाड़ी अपनी तरफ कर ली थी। राजबीर से भी प्रॉपर्टी के विवाद में मुकदमा चल रहा था। एसओ पल्लवपुरम का कहना है कि हत्या की जांच इन्हीं बिंदुओं के इर्द-गिर्द घूम रही है।

...इन्हें कोई डेडबॉडी मत बोलो
मोदीपुरम। सुबोध की हत्या की खबर सुनकर पहले ज्योति और इसके करीब एक घंटे बाद दूसरी पत्नी सुधा रिश्तेदारों के साथ शनिवार देर रात निजी अस्पताल पहुंची थी। सुबोध का खून से लथपथ शव देखकर सुधा बेहोश हो गई थी। जबकि ज्योति सदमे में यह मानने को तैयार नहीं थी कि सुबोध की मौत हो चुकी है। वह बार-बार विलाप करते कह रही थी कि इन्होंने (सुबोध ने) बोला था कि मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़कर जाऊंगा। मेरी बात सुनो। तुम खड़े क्यों नहीं हो रहे हो। जल्दी खड़े हो जाओ। इनके गले में साईं बाबा हैं। इन्हें कुछ नहीं होगा। इनके कपड़े गंदे हो गए है, जल्दी बदलो। ये कहीं नहीं जा सकते। ये तो मुझसे कहकर गए थे कि मैं थोड़ी देर में आ रहा हूं। मैं इन्हें दूसरे अस्पताल में लेकर जाऊंगी और ये मेरे साथ जाएंगे। इन्हें कोई डेडबॉडी मत बोलो, ये मेरे पति है।

मासूम के साथ क्राइम सीन
पुलिस ने इस हत्याकांड के चश्मदीद दोनों बच्चों से भी पूछताछ की। पुलिस सुबोध के बेटे प्रभव को लेकर मौका-ए-वारदात पर पहुंची। उससे वारदात को लेकर क्राइम सीन जाना। पुलिस के अनुसार प्रभव इतना ही बता पाया कि गाड़ी सफेद और वीडीआई थी। पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की बच्चों से पहचान भी कराएगी।

पापा को अंकल ने गोली मार दी
अस्पताल में दोनों बच्चे मां से पूछ रहे थे कि पापा कब उठेंगे? पापा ठीक हो जाएंगे ना मम्मी? पापा को गोली मार दी ना अंकल ने? इसके बाद वे मां को रोता देख खुद भी बिलख पड़े।

हत्या में झूठा फंसाने का आरोप
नामजद आरोपी सुधीर शर्मा की तरफ से उनके भाई अनुज शर्मा द्वारा रविवार को एसएसपी मेरठ को दिए प्रार्थनापत्र में सुधीर शर्मा को इस केस में झूठा फंसाने का आरोप लगाया गया। प्रार्थनापत्र में दावा किया गया कि उनके सुबोध से कोई वैमनस्यपूर्ण संबंध नहीं थे। सुधीर या उनके परिवार के किसी सदस्य का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। हत्या की जांच एसएसपी अपने स्तर पर कराकर दोषियों को दंडित करें।
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