एसएसपी और एसपी सिटी ने खुलासा किया
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ में निजी अंग काटने के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। एक युवक ने अपना ही अंग कटवाकर दूसरे गुट के किन्नरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। उनसे दो करोड़ रुपए लेकर समझौता करने की प्लानिंग की थी। इस काम में युवक के साथ सात लोग लिप्त पाए गए। पुलिस ने निजी अंग काटने वाले फर्जी डॉक्टर समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला बिजली बंबा बाईपास स्थित जुर्रानपुर फाटक के पास का है।
एसएसपी नितिन तिवारी और एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने सोमवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता की। एसएसपी ने बताया है कि 20 जून को एक युवक ने सूचना दी थी कि नशीला पदार्थ देकर उसका निजी अंग काट दिया गया। उसने किन्नर हाजी नसीम, नौसी, बबली और निशा पर आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था। इंस्पेक्टर परतापुर सुभाष अत्री ने जांच की। जांच में सामने आया कि युवक ने सात लोगों के साथ मिलकर निजी अंग कटवाकर हाजी नसीम को फंसाने की साजिश रची थी। इस वारदात की प्लानिंग करने वाला राहुल चौहान था।
मुखबिर की सूचना पर परतापुर पुलिस ने सोमवार को बिजली बंबा बाईपास से राहुल चौहान उर्फ परवेज, शान उर्फ महफूज निवासी श्यामनगर, अनीस निवासी लिसाड़ी रोड, जहीन उर्फ जिम्मी निवासी पूर्वा इलाही बख्श ब्रह्मपुरी और डॉ. शहजाद निवासी इस्लामनगर लिसाड़ीगेट को गिरफ्तार किया। दो आरोपी इरफान उर्फ मामा और जुले खान निवासी चमन कॉलोनी लिसाड़ीगेट फरार हो गए। आरोपियों से सर्जिकल कैंची, ब्लेड, दस्ताने, सीरिंज और रुई बरामद की है। जबकि युवक अभी अस्पताल में भर्ती है।
17 हजार रुपये में काटा निजी अंग
निजी अंग काटने वाला शहजाद फर्जी डॉक्टर है। इंटर पास करने के बाद उसने लिसाड़ीगेट क्षेत्र में क्लीनिक खोला था। उसने निजी अंग काटने के एवज में 17 हजार रुपए लिए थे। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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