दो गवाह पहुंचे, शेष की गवाही के लिए समन
इस मामले में दो गवाह गवाही दे चुके हैं। चिक काटने वाले सिपाही की गवाही पहले ही हो चुकी है। उदय प्रताप सिंह को उनके पैतृक गांव से सुरक्षा के बीच अदालत तक लाया गया। अन्य गवाहों को समन भेजा गया है।
ये था मामला
बड़ौत से बसपा के पूर्व विधायक एवं वर्तमान में भाजपा नेता लोकेश दीक्षित और उनके भाई नारायण दीक्षित से साल 2017 में मोबाइल के जरिये रंगदारी मांगी गई थी। पुलिस की जांच में मुन्ना बजरंगी का नाम सामने आया था। इसी मामले में आठ जुलाई 2018 की रात बजरंगी को बागपत जेल में शिफ्ट किया गया था। नौ जुलाई की सुबह सवा छह बजे बजरंगी की तन्हाई बैरक के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद शासन ने प्रकरण की जांच कराई थी। लापरवाही उजागर होने पर तत्कालीन जेलर उदय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर शिवाजी यादव, मुख्य बंदी रक्षक अरजिंदर सिंह और माधव कुमार को सस्पेंड कर दिया गया था।
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