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वीडीओ की परीक्षा में पास कराने की ली थी गारंटी, एसटीएफ ने बागपत से पांच आरोपी दबोचे

Thu, 27 Dec 2018 01:40 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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यूपीएसएसएससी की परीक्षा के बाद भी एक गैंग ने ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नौकरी लगवाने का झूठा आश्वासन देकर आठ से दस लाख रुपये में सौदा कर लिया। अभ्यर्थियों से कहा गया कि उनकी ऊपर तक सेटिंग है जिसमें वह नौकरी लगवा देंगे।

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एसटीएफ मेरठ यूनिट की टीम ने बागपत और बड़ौत से पांच युवकों की गिरफ्तारी है। जिनसे एसटीएफ की टीम देररात तक पूछताछ करने में जुटी रही। गिरोह में दो युवक कानपुर के भी बताए गये हैं। रात में एक टीम जांच के लिए कानपुर भेजी गई है। 

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी आदि के 1953 पदों पर भर्ती निकाली हुई है। 22 और 23 दिसंबर को लिखित परीक्षा हुई थी।
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परीक्षा में सेंधमारी करने पर एसटीएफ ने बागपत के राणा गैंग के विद्वेष कुमार उर्फ बिल्ला निवासी ग्रेटर पल्लवपुरम तथा विपिन डागर निवासी ढिंडार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके बाद भी एसटीएफ को इनपुट मिला कि ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नौकरी का झूठा आश्वासन देकर मोटी रकम हड़पने के लिए बागपत के गिरोह ने ठेका लिया है।

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सीओ एसटीएफ बृजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पांच युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में पांच से से तीन युवकों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिनके पास से अभ्यर्थियों से लिया गया पैसा भी बरामद हुआ है। अन्य दो युवकों की भी जांच चल रही है। यह भी बताया कि एक युवक कानपुर में रह रहा है जिसके पकड़े जाने के बाद पूरे मामले का खुलासा होगा। 

पास कराने की थी गारंटी
सीओ के अनुसार आरोपियों ने आठ से दस लाख रुपये में ग्राम विकास अधिकारी की परीक्षा में पास कराने की गारंटी ली। अभी तक बीस अभ्यर्थियों से सौदा तय होने की बात सामने आई है। आगरा व मथुरा में गैंग ने अभ्यर्थियों को परीक्षा दिलाई है। इस गिरोह ने करीब 20 से अधिक अभ्यर्थियों को फर्जी आश्वासन देकर मोटी रकम वसूली है। जिससे कुछ पैसा एडवांस लिया है। बृहस्पतिवार को एसटीएफ पूरे मामले का अधिकारिक खुलासा कर सकती है।
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