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मेरठ में किसने की रेत कारोबारी की हत्या?

Thu, 17 Dec 2015 01:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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रेत व्यापारी की लूट के बाद हत्या कर दी गई। व्यापारी मंगलवार सुबह रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्राली लेकर निकला था। बुधवार को उसका शव जंगेठी के जंगल से मिला। जबकि ट्रैक्टर-ट्राली गायब मिली। पुलिस लूट के अलावा हत्या के दूसरे कारणों पर भी जांच कर रही है।
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पुलिस के अनुसार मूल रुप से गांव सिसौली जिला शामली निवासी शौकेंद्र कश्यप (25) पुत्र ओमपाल कश्यप कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के गणपति विहार में अपने बहनोई विजयपाल के पास रहता था। वह यहां पर सीमेंट, रेत और रोड़ी बदरपुर का व्यापार करता था। मंगलवार सुबह करीब सात बजे एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति ने उसकी दुकान पर पहुंचकर एक ट्राली रेत बुक कराया था। शौकेंद्र रेत को ट्राली में लादकर उस व्यक्ति के साथ चला गया था। लेकिन शाम तक नहीं लौटा था। शौकेंद्र का मोबाइल स्विच ऑफ आने पर परिजनों ने थाना कंकरखेड़ा पर उसकी लापता होने की जानकारी दी थी। पुलिस ने इसे अपहरण के बजाए गुमशुदगी में दर्ज किया था।

बुधवार दिन निकलते ही परिजनों से उसकी फिर से तलाश की तो उसका शव जंगेठी गांव के जंगल में पड़ा मिला। उसके शरीर पर चोटों के अलावा ईंटों से कुचलने के निशान थे। बदमाशों ने उसके हाथ-पांव भी बांध रखे थे। शव देखते परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे। सूचना पर एसपी सिटी ओपी यादव, सीओ दौराला डॉ. अरविंद कुमार और इंस्पेक्टर एसके राणा मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर का कहना है कि अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
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मकसद लूट या और कुछ
शौकेंद्र के शव के बराबर में रेत पड़ा हुआ था। जबकि ट्रैक्टर-ट्राली गायब थी। बदमाश ट्रैक्टर-ट्राली के अलावा शौकेंद्र से करीब 20 हजार रुपये भी लूट ले गए थे। पुलिस दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है। पहला, बदमाशों ने ट्रैक्टर-ट्राली लूटने की नीयत से हत्या को अंजाम दिया। लेकिन पुलिस यह भी मानकर चल रही है कि अगर बदमाशों का मकसद लूट ही होता तो वे शौकेंद्र के हाथ-पांव बांधकर उसे कहीं भी फेंक कर आसानी से फेंककर फरार हो सकते थे। केवल ट्रैक्टर-ट्राली लूटने के लिए हत्या करने की बात पुलिस को हजम नहीं हो रही है।

छह बदमाशों ने की हत्या
व्यापारी की हत्या बदमाशों ने मंगलवार को ही कर दी थी। जिस जगह उसकी हत्या की गई, उससे कुछ दूरी पर एक किसान अपने खेत में काम कर रहा था। उसने पुलिस को बताया कि उस समय यहां पर रेत उतारा जा रहा था तो दो मोटर साइकिलों पर छह लोग मौके पर मौजूद थे। उसे नहीं पता था कि मामला लूटपाट या हत्या का है। अगर होता तो वह पुलिस को इसकी सूचना दे देता।

परिवार की चिंता खींच ले आई थी
शौकेंद्र घर का इकलौता चिराग था। पांच बहनों में सबसे सबसे बड़े शौकेंद्र की दो साल पहले ही रचना से शादी हुई थी। दोनों से एक साल की बेटी है। जबकि रचना गर्भवती है। पिता ओमपाल मजदूरी करता है। बहनों की शादी करने की चिंता में ही शौकेंद्र आठ साल पहले अपने बहनोई के यहां कंकरखेड़ा आ गया था। जिस पर विजयपाल ने उसे रेत, बदरपुर आदि बेचने का काम करा दिया था।
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