क्षेत्र के रासना गांव के प्रदीप हत्याकांड के बाद पीड़ितों के घर से पीएसी हटाने के बाद गांव में रोष फैल गया। ग्रामीणों ने पंचायत कर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर हंगामे की चेतावनी दी। गांव में गुस्सा देख दोबारा पीएसी तैनात कर दी गई।
रासना गांव के प्रदीप त्यागी की हत्या के बाद दोनों आरोपी फरार चल रहे हैं। सुरक्षा के लिए मृतक के घर एसएसपी ने पीएसी तैनात की थी। वहीं, बृहस्पतिवार सुबह पीएसी कंपनी अपना सामान समेटकर चलने लगी। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों को जानकारी मिली तो रोष फैल गया। सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों को बताया कि अधिकारियों ने गांव से पीएसी हटाने के आदेश दिए हैं।
ग्रामीणों ने गांव में पंचायत करते हुए लापरवाही पर विचार विमर्श किया। ग्रामीणों ने पीएसी हटाने पर मेरठ कलक्ट्रेट में कूच करने की चेतावनी दी। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुुन: पीएसी तैनात करने के आदेश दिए। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जो समय दिया था, वह खत्म होने वाला है। गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। यतेंद्र त्यागी, तपराज सिंह, सुखवीर सिंह, जनेश्वर त्यागी, रामअवतार, धर्मवीर सिंह, महेंद्र सिंह, श्यामलाल, सतेंद्र त्यागी, सुशील, शौराज सिंह मौजूद रहे।
निगम की कॉल डिटेल खंगाली
सरूरपुर। प्रदीप हत्याकांड में पुलिस मुख्य आरोपी निगम त्यागी की कॉल डिटेल के आधार पर दबिश दे रही हैं। जिसके चलते सरूरपुर, रोहटा थाना पुलिस ने बाड़म, रासना, मिर्जापुर और दमगढ़ी के कई लोगों को उठाकर पूछताछ की। पुलिस कई लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि गंभीरता से पूछताछ नहीं दी जा रही। दबिश के बावजूद पुलिस के हाथ खाली है।