जिपं की पूर्व सदस्य और पूर्व प्रधान की पुत्रवधू भावना की हत्या के तीर से एक साथ कई निशाने साधे गए हैं। हत्या को नियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है। इसके पीछे जहां पुरानी रंजिशों को और भड़काने की साजिश की बू है तो सियासी क्षेत्र में भी अपना प्रभाव कायम रखने की योजना बताई जा रही है।
पूर्व प्रधान ब्रजवीर उर्फ मुन्नू ने प्रधान बनने के बाद गांव-देहात के कई ब्लॉक की राजनीति में अपना प्रभाव कायम कर रखा था। ब्रजवीर ने इसी के चलते अपनी पत्नी पूनम को भी जिला पंचायत सदस्य बनवाया। ब्रजवीर का जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदर पाल सिंह के चुनाव में भी खासा रोल रहा। जिसके चलते वह उनके करीब रहा।
हालांकि बीते मार्च में गन्ना सोसायटी के चुनाव में नरेंद्र उर्फ काला की हत्या ने ब्रजवीर और उसके भतीजों को जरूर झटका दिया। पुलिस के अनुसार जमालपुर, इंचौली के कातिलाना हमले के मामले में भी ब्रजवीर को तीन साल की सजा हुई थी। जिसके चलते ब्रजवीर को नरेंद्र मर्डर में जमानत नहीं मिली थी।
इस मामले में काफी प्रयास के बाद भी जब ब्रजवीर के बाहर आने की सूरत नहीं दिखाई दे रही थी तो समझौते की बात काफी हद तक आगे बढ़ चुकी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार कुछ लोग नहीं चाहते थे कि ब्रजवीर जेल से निकले और यह समझौता हो। इसलिए हत्या का यह चक्रव्यूह रचा गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस पूरी प्लानिंग को रचने वाला ब्रजवीर की सभी रंजिशों से वाकिफ रहा होगा।