गढ़ रोड पर राधा गोविंद कॉलेज के पास जर्जर खंभे से गिरकर संविदा कर्मी की मौत हो गई। इसके विरोध में परिजनों और भीड़ ने बवाल काटते हुए संविदा कर्मी का शव रखकर करीब पांच घंटे तक गढ़ रोड जाम रखी। जेई व ठेकेदार पर केस दर्ज करने, मुआवजे की मांग को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से तीखी नोकझोंक हो गई।
सीओ के धमकाने पर भड़की भीड़ ने वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए राहगीरों से मारपीट शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ने लाठीचार्ज कराते हुए भीड़ को खदेड़ दिया। भाजपा नेता और छात्र संघ अध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया गया। काफी हंगामे के बाद एडीएम (प्रशासन) ने मुआवजे का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
यह दर्दनाक हादसा सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे हुआ। मुंडाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बढ़ला कैथवाड़ा निवासी बलराम (25)पुत्र श्रीपाल मेडिकल बिजलीघर पर संविदा कर्मचारी था। वह जेई महेंद्र सिंह, लाइनमैन मुकेश कुमार, संविदा कर्मचारी संजीव कुमार के साथ राधा गोविंद कॉलेज के पास लाइन ठीक करने गया था। बलराम जिस खंभे पर चढ़ा, वह पहले से जर्जर हालत में था। उसकी सपोर्ट में एक पोल भी लगा था। खंभे पर चढ़ते ही वह टूट गया और बलराम नीचे गिर पड़ा।
सड़क पर गिरते ही बलराम की मौत हो गई। लहूलुहान हालत में बलराम को देखकर बिजली विभाग के कर्मचारी वहां से भाग गए। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ लग गई। इसकी जानकारी लगने पर बलराम के परिजन सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गए। भीड़ ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान भाजपा नेता सतवीर त्यागी और मेरठ कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष दुष्यंत तोमर भी पहुंच गए। लोगों की मांग थी कि बिजली विभाग के ठेकेदार और जेई पर केस दर्ज किया जाए और पीड़ित परिवार को पांच लाख का मुआवजा दिया जाए।
सूचना पर एसडीएम रवीश गुप्ता के अलावा मेडिकल, भावनपुर, नौचंदी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ पावर कारपोरेशन के एमडी को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गई। करीब पांच घंटे तक जाम लगने पर हालत बेकाबू हो गए। बाद में मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ओपी सिंह ने भाजपा नेता व छात्रनेता को गिरफ्तार करते हुए लाठीचार्ज कर जाम खुलवाया। एडीएम प्रशासन दिनेश चंद्रा ने उचित मुआवजा दिलानेे का आश्वासन दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
सीओ ने डाला आग में घी
लोगों की आंखों में गम और गुस्सा था। ऐसे हालात में लोग वाहनों में तोड़फोड़, आगजनी करने की तैयारी में थे। ऐन वक्त पर सीओ सदर देहात शिवराज सिंह पहुंचे। उन्होंने भीड़ को चेतावनी दे दी कि जाम खोल दो वरना खैर नहीं। सीओ की धमकी से लोगों का गुस्सा भड़क गया। भीड़ ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू किए। वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए वहां से गुजरने वाले लोगों के साथ मारपीट होने लगी। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने किसी तरह मामले को कंट्रोल किया।