इंचौली थानाक्षेत्र के सिखेड़ा गांव में एक खंडहर में बुधवार सुबह एक छात्र की लाश मिलने पर सनसनी फैल गई। छात्र 24 घंटे से लापता था। हंगामा करते लोगों को समझा-बुझाकर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सिखेड़ा गांव निवासी धर्मपाल सिंह कचहरी में टाइपिस्ट हैं। धर्मपाल का छोटा बेटा गौरव (20) मेरठ कॉलेज में बीए का प्रथम वर्ष छात्र था। मंगलवार सुबह गौरव घर से गंगानगर एक अधिवक्ता के पास गया था। एक घंटे बाद गौरव घर लौटा और स्कूटी खड़ी करके चला गया। शाम तक नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन पता नहीं लगा। बुधवार सुबह गौरव के दोस्त कपिल के फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि गौरव मंगते के खंडहर बने मकान में पड़ा है।
कपिल ने इसकी जानकारी गौरव के परिजनों को दी। वे खंडहर में पहुंचे तो वहां गौरव का शव खून से लथपथ पड़ा था। परिजनों की चीखपुकार सुनकर गांव के लोग जुट गए। सूचना पर सीओ सदर देहात शिवराज सिंह और इंचौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि शव के पास एक तमंचा, एक कारतूस और एक मोबाइल मिला है। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिजनों ने रंजिश न होने की बात कहते इंचौली थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। वहीं ग्रामीणों में चर्चा है कि गौरव का गांव की ही युवती से प्रेम प्रसंग था। जिसके चलते हत्या हुई है। पुलिस भी इसी लाइन पर जांच को आगे बढ़ा रही है। गौरव चार बहन-भाई में सबसे छोटा था। उससे बड़ी बहन निशा, सोनी और भाई किशोर हैं। मां सुदेश देवी की कुछ साल पहले मृत्यु हो चुकी है। गौरव कचहरी में पिता के साथ टाइपिंग का काम भी करता था। गौरव की मौत पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
कनपटी पर सटाकर मारी गोली
पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है कि कनपटी पर सटाकर गोली मारी गई। आरोपियों ने फोन करके गौरव को पहले गांव में बुलाया और फिर उसकी हत्या कर दी। घटनास्थल से दूसरे कमरे में शराब की खाली बोतल और जले हुए कागज मिले हैं। गौरव के मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर जांच की जा रही है।