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अब मुखिया गुर्जर पर गुंडा एक्ट की तैयारी

Sat, 05 Dec 2015 01:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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मुखिया गुर्जर मामले में पुलिस-प्रशासन अब पूरी तरह फ्रंट पर आकर खेल रहा है। भाजपा के दबाव को दरकिनार कर प्रशासन ने जो रुख अपनाया है, वह सीधे-सीधे इशारा कर रहा है कि उसका इरादा मुखिया को आसानी से जेल से बाहर आने देने का नहीं है। क्योंकि शांति भंग के मामले में जमानत देने की प्रक्रिया के दौरान ही कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर मुखिया गुर्जर के खिलाफ गुंडा एक्ट की तैयारी शुरू हो चुकी है।
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एक दिसंबर को दूसरे चरण के चुनाव में परीक्षितगढ़ थाने के ग्राम कैलीरामपुर में मतदान के दौरान प्रधान पद के प्रत्याशी सपा नेता वेदपाल उर्फ बेदी की शिकायत पर एसएसपी और डीएम की मौजूदगी में भाजपा नेता मुखिया गुर्जर को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया। इस मामले पर अगले दिन भाजपा ने कलक्ट्रेट पर शाम तक धरना देते हुए प्रदर्शन किया और प्रशासन की कार्रवाई को अनुचित बताया। जब प्रशासन ने एक नहीं सुनी तो भाजपा ने लंबे आंदोलन का ऐलान कर दिया।

वहीं, दूसरी तरफ मुखिया गुर्जर प्रकरण को प्रतिष्ठा से जोड़े पुलिस-प्रशासन ने जब विधिक राय ली तो पता चला कि शांति भंग के तहत की गई इस कार्रवाई में वह खुद फंस सकते हैं। बावजूद इसके प्रशासन ने एक नया पैंतरा चला और मुखिया जल्दी जेल से बाहर न आएं, इसके लिए उनके जमानतियों का सत्यापन शुरू करा दिया। लेकिन इस प्रक्रिया को भी एक-दो दिन ही लटकाया जा सकता था। ऐसे में अब नया खेल इस पूरे प्रकरण में हुआ है।
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गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पुलिस-प्रशासन ने मुखिया गुर्जर को शांति भंग में तो जमानत पर रिहा करने की तैयारी पूरी कर ली है। उनके जमानतियों का सत्यापन भी शुक्रवार शाम तक होकर आ गया। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि उन्हें शांति भंग में शनिवार को जमानत मिल जाएगी। लेकिन मुखिया को जेल में ही रखने का पूरा प्रबंध कर दिया गया है। अब उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

परीक्षितगढ़ थाने में वेदपाल उर्फ बेदी जो कि कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के खास लोगों में हैं, उन्होंने मुखिया गुर्जर के खिलाफ जानलेवा हमले का आरोप लगाते हुए धारा 307 में रिपोर्ट दर्ज करायी है। यही नहीं, मुखिया के खिलाफ कैली रामपुर में तैनात मजिस्ट्रेट की तरफ से धारा 144 के उल्लंघन में धारा 188 के साथ ही सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और बलवा व समाज में दहशत फैलाने का काम करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

मुकदमे बनेंगे गुंडा एक्ट का आधार
मुखिया गुर्जर पर दर्ज यह मुकदमे पूरी पटकथा को बयां कर रहे हैं। इन मुकदमों के दर्ज होने पर पूरी उम्मीद जतायी जा रही है कि शनिवार तक मुखिया गुर्जर पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई कर दी जाएगी। एक तरफ जहां शांति भंग के मामले में जमानत का आदेश जारी होगा, वहीं दूसरी तरफ गुंडा एक्ट का नोटिस तामील कराकर मुखिया को जेल में ही रखने का पूरा प्रबंध कर दिया जाएगा।
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