पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर समेत तीन लोगों को पुलिस ने मंगलवार को शांति भंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान मुखिया गुर्जर की तरफ से कुछ कहने-सुनने का मौका तक नहीं दिया गया और एसडीएम मवाना ने उन्हें 14 दिन के लिए जेल भेजने के आदेश कर दिए।
गौतमबुद्ध नगर निवासी मुखिया गुर्जर के पुत्र कुलविंदर सिंह की माछरा ब्लॉक के ग्राम कैलीरामपुर में वोट है। मंगलवार को कुलविंदर और मुखिया गुर्जर अपने समर्थकों के साथ गांव पहुंचे। जब कुलविंदर वोट डालने गए तो बताया जा रहा है कि उनके साथ मुखिया गुर्जर भी मतदान केंद्र के भीतर समर्थकों सहित पहुंच गए।
इस गांव से प्रधान पद के लिए मुखिया गुर्जर के रिश्तेदार राणा प्रताप उर्फ टीटू मैदान में हैं। वहीं, उनके सामने कैबिनेट मंत्री के खास और पराग दुग्ध संघ की चेयरमैन के पति वेदपाल उर्फ बेदी मैदान में हैं। जब मुखिया गुर्जर वहां पहुंचे तो वेदपाल ने उनका विरोध कर दिया।
जिस पर दोनों के बीच काफी गर्मागर्मी हो गई। इसके बाद मुखिया गुर्जर वहां से लौट गए। शाम करीब सवा चार बजे वह दोबारा गांव पहुंच गए। जिस पर मतदान स्थल के पास समर्थकों के साथ मौजूद वेदपाल की उनकी फिर से कहासुनी हो गयी।
इसी बीच एसएसपी डीसी दूबे और डीएम पंकज यादव वहां चुनावी दौरे पर पहुंचे तो वेदपाल ने शिकायत की कि मुखिया गुर्जर की गांव में वोट नहीं है, बावजूद वह मतदान केंद्र के भीतर जाकर मतदान प्रभावित कर रहे हैं। इस पर एसएसपी ने मुखिया गुर्जर को गिरफ्तार करने के निर्देश एसओ परीक्षितगढ़ को दिए।
जिस पर मुखिया गुर्जर समर्थकों की पुलिस से धक्का मुक्की हो गयी। इस दौरान पुलिस ने प्रधान पद प्रत्याशी राणा प्रताप और मुखिया गुर्जर के साथ मौजूद युवक राजकुमार को शांति भंग के मामले में गिरफ्तार करते हुए 14 दिन के लिए जेल भेज दिया।
कोट
मेरे खिलाफ कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के दबाव में कार्रवाई की गयी है। मेरा बेटा जिला पंचायत अध्यक्ष पद का दावेदार है। ऐसे में कैबिनेट मंत्री नहीं चाहते हैं कि मैं उसके चुनाव का संचालन करूं। इसी कारण मेरे विरुद्ध यह षड्यंत्र रचा गया है। जिसमें पुलिस प्रशासन ने दबाव में पूरी तरह पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की है।
-मुखिया गुर्जर