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इजाज को हवाला के जरिये फंडिंग

Wed, 02 Dec 2015 02:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
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वैश्विक स्तर पर दहशतगर्दों को फंडिंग न करने की अपील उठ रही हैं, लेकिन पड़ोसी मुल्क पाक पर इसका कोई फर्क नहीं है। मेरठ में गिरफ्तार पाक जासूस को आईएसआई के अलावा सऊदी अरब में बैठे उसके एजेंटों द्वारा हवाला के जरिये फंडिंग करने का मामला सामने आया है।
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जांच एजेंसियों ने इसे गंभीर मामला बताया है। यह भी खुलासा हुआ है कि पाक जासूस की बहन की शादी का पूरा खर्च भी आईएसआई ने ही उठाया था।

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट इजराइल-सीरिया (आईएसआईएस) द्वारा 12 नवंबर को पेरिस में किए गए हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ एक बार फिर बड़ी बहस शुरू हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकी गतिविधियां फैलाने के लिए हो रही फंडिंग पर सवाल उठाए थे।

अपील की थी कि आतंकवाद को प्रश्रय देने वालों को किसी तरह की फंडिंग न की जाए। लेकिन, यह सिलसिला रुक नहीं रहा है। मेरठ छावनी में कैंट स्टेशन से पकड़े गए आईएसआई के एजेंट मोहम्मद इजाज के पास से पुलिस ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का एक एटीएम कार्ड भी बरामद किया था।
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पूछताछ में इजाज ने बताया था कि उसका फर्जी दस्तावेज के आधार पर कोलकाता में बैंक खाता खोला गया था। पकड़े जाने के बाद एसटीएफ की जांच में सामने आया कि पाक जासूस इजाज के एकाउंट में आईएसआई से ही नहीं, बल्कि दुबई और सऊदी अरब में बैठे आईएसआई के एजेंटों द्वारा वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के जरिये हवाला की रकम डाली गई।

जांच एजेंसियां सवाल उठा रही हैं कि निश्चित तौर पर आईएसआई का कोई एजेंट दुबई और सऊदी अरब में बैठकर पाक जासूस के एकाउंट में रुपये भेज रहा था।

जासूस के बहन की शादी
एसटीएफ की पूछताछ में पाक जासूस इजाज ने यह भी खुलासा किया था कि उसकी बहन की शादी में आईएसआई ने मोटी रकम खर्च की थी। इसके अलावा आईएसआई उसके परिवार को भी हर महीने मोटी रकम अदा करता था।

बैंक की भूमिका की होगी जांच
जांच कर रहे अफसरों का कहना है कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की भूमिका की भी जांच होगी। बैंक में खुले फर्जी एकाउंट के अलावा जिस तरीके से एक साल से आईएसआई द्वारा दुबई और सऊदी अरब से फंडिंग हो रही थी, वह जांच के घेरे में है।

नौकरी पर था इजाज?
यह भी बात सामने आ रही है कि मोहम्मद इजाज आईएसआई का एक ऐसा एजेंट था, जिसे नौकरी पर रखा गया था। इसके लिए उसे उसी तरह से वेतन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती थीं। हालांकि, जांच एजेंसी इस तथ्य की पुष्टि करने से पहले इसकी जांच में जुटी हैं।
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