शास्त्रीनगर ड्रग्स स्कैंडल में आरोपियों ने अपने बचाव में एक-दूसरे पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। छात्रा को नशीला पदार्थ देकर गैंगरेप करने के आरोपियों शशांक और शुभम प्रधान ने मंगलवार को जेल जाते समय दावा किया है कि इस घिनौने कांड के मुख्य आरोपी सिद्धार्थ और अरीब हैं। दोनों आरोपियों को पॉस्को कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर इनका ब्लड सैंपल लिया। जो जांच के लिए आगरा एफएसएल जाएगा।
इस प्रकरण में पहली गिरफ्तारी अरीब निवासी जैदी सोसायटी, नौचंदी की हुई थी। जबकि सोमवार को जब छात्रा कोर्ट में बयान दर्ज कराने पहुंची तो पुलिस ने शुभम प्रधान पुत्र राजकुमार और शशांक प्रधान पुत्र श्रीकुमार निवासी शास्त्रीनगर को गिरफ्तार किया था। मंगलवार को इन दोनों आरोपियों की न्यायाधीश उत्कर्ष कुमार की पॉस्को कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को गैंगरेप (376 डी आईपीसी), बदनीयती से पकड़ना (354 बी आईपीसी), नशीले पदार्थ का सेवन कराना (328 आईपीसी) और पॉस्को एक्ट में 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
अरीब भी हुआ जेल से तलब
आरोपी आरिब के खिलाफ भी सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाए जाने के लिए उसे बुधवार के लिए जेल से तलब कर लिया गया है। कोर्ट ने इस संबंध में रिमांड बढ़ाने के लिए बुधवार को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए।
छात्रा से मिलने आते थे दोनों
आरोपी शुभम और शशांक ने कोर्ट में कहा कि वे पीड़ित छात्रा को सिद्धार्थ के जरिये जानते थे। मुख्य आरोपी भी सिद्धार्थ और अरीब हैं। ये दोनों ही छात्रा से मिलने आते थे। उन्होंने अपने बचाव में कहा कि उनका पूरे मामले से कोई वास्ता नहीं है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों का ब्लड सैंपल लेने के बाद बालिग के तौर पर उन्हें जिला जेल भेजने के आदेश दे दिए।
एफएसएल की रिपोर्ट बताएगी सच
इस प्रकरण में ड्रग्स या कोई नशीला पदार्थ देने का मामला सामने आया है। कोर्ट में बयान के बाद पीड़ित छात्रा का भी ब्लड सैंपल लेते हुए मेडिकल परीक्षण कराया गया था। अब दोनों आरोपियों शुभम और शशांक का पुलिस ने ब्लड सैंपल लिया है। एसओ मेडिकल बीएस सिरोही का कहना है कि आरोप है कि छात्रा को नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
निश्चित तौर पर अगर आरोपियों ने पीड़िता को नशीला पदार्थ खिलाया होगा कि तो उन्होंने खुद भी नशा किया होगा। ऐेसे में नशीला पदार्थ दिया गया या नहीं, इसकी जांच के लिए पीड़िता और आरोपियों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। जिसे बुधवार को एफएसएल आगरा जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच के बाद ही यह सब कुछ स्पष्ट होगा।