सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के हॉस्टल में देर रात शराब पीकर बाहरी युवकों ने हुड़दंग मचाया। हॉस्टल के छात्रों के साथ मारपीट की और पिस्टल तान दी। बाद में फायरिंग करते हुए फरार हो गए। कार्रवाई की मांग को लेकर छात्र आधी रात को कई घंटे तक कुलपति आवास पर बैठे रहे, लेकिन कुलपति बाहर नहीं आए। सुबह फिर से छात्र कुलपति से मिलने पहुंचे, लेकिन वे फिर भी नहीं मिले। गुस्साए छात्रों ने तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छात्रों को शांत कराया।
कृषि विश्वविद्यालय के लाल बहादुर शास्त्री हॉस्टल के रूम नंबर 84 में रविवार रात दस बजे आठ-दस बाहरी युवक आए और शराब पीकर हुड़दंग करने लगे। अन्य कमरों में पढ़ाई कर रहे बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र शशांक, शुभम, अभिषेक, सूरज कुमार आदि ने विरोध किया तो कहासुनी हो गई। युवकों ने शशांक और सूरज कुमार पर पिस्टल तान दी। इसके बाद बाहरी युवकों ने सभी के साथ मारपीट की। शोर मचाने पर आरोपी फायरिंग करते हुए फरार हो गए।
हॉस्टल के सभी छात्र एकत्र होकर रात एक बजे कुलपति आवास पर पहुंचे और नारेबाजी कर दी। कुलपति नहीं आए तो तोड़फोड़ की। सोमवार सुबह दस बजे छात्र फिर से कुलपति आवास पहुंचे और जमकर हंगामा किया। छात्रों की मांग थी कि कुलपति आएं और समस्या सुनें, लेकिन वे नहंीं आए। गुस्साए छात्रों ने कुलपति की नेम प्लेट समेत मुख्य गेट पर फिर तोड़फोड़ की।
सूचना पर विवि के सुरक्षा अधिकारी वीके कटारिया, सीओ दौराला डा. अरविंद कुमार, इंस्पेक्टर दौराला परशुराम मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाकर शांत किया। इसके बाद छात्र प्रशासनिक भवन में धरने पर बैठ गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। सीओ दौराला ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्र अभिषेक और सूरज कुमार ने अज्ञात युवकों के खिलाफ दौराला थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई।
कहां सोते रहे कुलपति?
रात में तीन घंटे तक छात्र कुलपति से मिलने की गुजारिश करते रहे। आखिर क्या वजह थी कि कुलपति सामने नहीं आए। कुलपति तो क्या, कोई प्रशासनिक या सुरक्षा अधिकारी भी नहीं पहुंचा। अगर ये लोग आकर बात कर लेते, तो छात्र आवेश में आकर तोड़फोड़ न करते।
किस काम की लाखों की सुरक्षा
रात के समय बाहरी युवक आकर हॉस्टल में शराब पीते हैं। हंगामा कर छात्रों पर पिस्टल तानते हैं और मारपीट कर चले जाते हैं। सवाल उठता है कि हॉस्टल के वार्डन, केयरटेकर और सुरक्षा में लगे लोग क्या कर रहे थे। जबकि कृषि विवि में सुरक्षा के नाम पर हर माह लाखों रुपये खर्च होते हैं।
कार्रवाई की मांग
कृषि विवि कर्मचारी संघ के संरक्षक राजीव भारद्वाज भराला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल कुलपति से मिला। कहा कि सुरक्षा एजेंसी, विवि के डीएसडब्लू और वार्डन की इस घटना में लापरवाही है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाए। इस दौरान अध्यक्ष मनोज सेंगर, महामंत्री मौहम्मद जफर, राकेश शर्मा, कालीचरण शर्मा, अरुण तेवतिया, प्रदीप गुर्जर, सुरेश मौर्या आदि मौजूद रहेे।