नैनी जेल में बंद कुख्यात गौरव सिरोही ने चिट्ठी भेजकर मेरठ पुलिस को ‘कठघरे’ में खड़ा कर दिया है। मंगलवार दोपहर उसकी चिट्ठी डीआईजी रेंज के नाम से आई, लेकिन पहुंच गई सीओ सिविल लाइन के ऑफिस में। इस चिट्ठी में हत्या होने की आशंका जताते हुए पुलिस अफसरों पर संगीन आरोप लगाए गए हैं। जेल प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
शास्त्रीनगर में रंगदारी न देने पर बंगाल स्वीट्स हाउस के मालिक की हत्या का मुख्य आरोपी गौरव सिरोही निवासी तुलसी कॉलोनी कंकरखेड़ा इलाहाबाद की नैनी जेल में बंद है। गौरव पर दो लाख का इनाम भी रह चुका है। वर्ष 2013 में पुलिस कस्टडी से गौरव फरार हो गया था। दो दिन बाद पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया था। जेल के डॉक्टर हरपाल सिंह के मर्डर में भी गौरव का नाम आया था। इसके अलावा भी गौरव पर लूट, रंगदारी और हत्या के कई मामले हैं।
रास्ता भटकी चिट्ठी
मंगलवार को गौरव के नाम से अंग्रेजी में लिखी एक चिट्ठी सीओ सिविल लाइन के ऑफिस में पहुंची। जिसमें कुख्यात ने मेरठ पुलिस के अफसरों से जान का खतरा बताया। उसने लिखा कि मेरठ पुलिस उसकी हत्या करने की प्लानिंग बना चुकी है। खास बात यह है कि डाक से आई यह चिट्ठी डीआईजी रेंज के नाम से आई है, लेकिन वह सीओ सिविल लाइन के दफ्तर में पहुंच गई। चिट्ठी में उसने मेरठ पुलिस और जेल प्रशासन से जुड़ीं कई चौंकाने वाली कई जानकारियां दी हैं।