रिंकू हत्याकांड में जेल में बंद राशि त्यागी समेत तीन आरोपियों की मुश्किलें बुधवार को बढ़ गईं। कोर्ट ने पुलिस द्वारा दाखिल धारा 169 की रिपोर्ट को उचित आधार न पाते हुए खारिज कर दिया।
सरधना थाना क्षेत्र के इकड़ी गांव निवासी जयपाल सिंह का इकलौता बेटा रिंकू मवाना रोड स्थित अम्हेड़ा बैंक में कैशियर था। 12 दिसंबर की रात गढ़ रोड के समीप रिंकू की हत्या कर दी गई थी।
रिंकू के पिता की तहरीर पर रिंकू की दोस्त राशि त्यागी, उसके पिता ब्रजमोहन और रिश्ते के मामा कुलदीप त्यागी के खिलाफ थाना मेडिकल पुलिस ने केस दर्ज करते हुए जेल भेजा था।
विगत 4 फरवरी को एसएसपी डीसी दूबे ने प्रेस वार्ता करते हुए सरायकाजी निवासी 11 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए दावा किया था कि इस केस में नामजद तीनों आरोपी बेगुनाह हैं। एसएसपी ने कहा था कि नामजद आरोपियों ने रिंकू की हत्या नहीं की है।
साक्ष्य और जांच पड़ताल में जिन 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वह हत्यारोपी हैं। एसएसपी ने इन तीनों हत्यारोपियों को जल्द जेल से रिहा कराने की बात कही थी। इस संबंध में बुधवार को सीओ सिविल लाइन बीएस वीर कुमार की तरफ से जेल में बंद तीनों नामजद आरोपियों की रिहाई के लिए कोर्ट में धारा 169 की रिपोर्ट दाखिल की गई। मुकदमे के वादी जयपाल सिंह की तरफ से अधिवक्ता संजय सक्सेना ने बहस की।
कोर्ट ने बहस के बाद सुनवाई करते हुए सीओ द्वारा दाखिल की गई रिपोर्ट को खारिज कर दिया। सीओ का कहना है कोर्ट से रिपोर्ट खारिज होने की जानकारी मिली है।