सूरजकुंड स्थित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह से बृहस्पतिवार को चार किशोर भाग गए। सूचना पर डीपीओ और इंस्पेक्टर नौचंदी मौके पर पहुंचे। रात तक पुलिस ने फरार किशोरों के घर पर दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़े।
नौचंदी थाना क्षेत्र के सूरजकुंड स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में इस समय 45 किशोर निरुद्घ हैं। बृहस्पतिवार दोपहर को ठंड लगने की बात कहकर किशोर धूप सेकने छत पर गए थे। इस दौरान चार किशोर दीवार से पाइप और खिड़की के सहारे कूदकर फरार हो गये।
शाम के समय जब अन्य किशोरों ने एक किशोर का नाम बताते हुए गायब बताया तो कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। गिनती में किशोर कम मिले। किशोरों के भागने की जानकारी पर जिला प्रोबेशन अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार सिंह और इंस्पेक्टर नौचंदी हरसरण शर्मा फोर्स के साथ पहुंचे। डीपीओ ने बताया कि चार किशोर भागे हैं, जिनका सरगना टीपीनगर के मलियाना निवासी किशोर है। जो पहले भी भागकर वापस आ चुका है।
चार किशोरों में तीन मेरठ के और एक बागपत जिले का है। जो चोरी की घटनाओं में संप्रेक्षण गृह में निरुद्घ हैं। इस मामले में कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई है। जिनके खिलाफ जांच बैठा दी गई है। जांच के बाद आरोपी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कैमरे में कैद हुए भागते किशोर
किशोरों के भागने के बाद इंस्पेक्टर नौचंदी हरसरण शर्मा और डीपीओ ने संप्रेक्षण गृह के बाहर लगे कैमरे की फुटेज देखी तो उसमें चारों किशोरों को साफ जाते दिखाई दिए। किशोर खाली स्थान से कूदकर भागे, लेकिन मुख्य रास्ते की तरफ वह कैमरे में कैद हो गए।
लापरवाह बन चुका है स्टाफ
बाल संप्रेक्षण गृह में किशोरों को भांग, अफीम और शराब पहुंचाने को लेकर कर्मचारियों और होमगार्डों पर आरोप लगते रहे हैं। कई बार संप्रेक्षण गृह ब्रेक हो चुका है। कर्मचारियों पर गाज भी गिरी, लेकिन यहां के हालात नहीं बदले। पुलिस की पिकेट होने के बाद भी दिनदहाड़े किशोर फरार हो गए।