कुख्यात योगेश भदौड़ा को सोमवार कचहरी में पुलिस ने ‘वीआईपी ट्रीटमेंट’ दिया। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में भदौड़ा ने खुलेआम अपने शुभचिंतकों से बातचीत की। जबकि पुलिस तमाशबीन बनी रही। यह सुविधा भदौड़ा को सिर्फ उसकी पत्नी सुमन भदौड़ा की वोट ने दिलाई।
सरूरपुर के ट्रिपल मर्डर के मामले में योगेश भदौड़ा सोमवार सुबह दस बजे कचहरी स्थित एडीजे-11 कोर्ट में पेश हुआ था। उससे मिलने वालों की कचहरी में लंबी लाइन थी। पेशी के दौरान भदौड़ा अलग अंदाजा में था। गाड़ी से उतरते ही पुलिसकर्मियों ने गोला बनाया और भदौड़ा को कोर्ट में लेकर जाने लगे। तभी कई लोग उससे मुलाकात करने दौड़े। पुलिस की मौजूदगी में उसने मुलाकात करने वालों को आवाज देकर बुलाया शुरू किया और बेखौफ होकर बातचीत भी की।
कोर्ट के बाहर करीब एक घंटे तक उसने अपने लोगों से बात की और क्षेत्रीय लोगों को धन्यवाद भी दिया कि उनकी वजह से उनकी पत्नी सुमन भदौड़ा जिला पंचायत सदस्य बनी है। तीन घंटे तक भदौड़ा कचहरी में रहा, उससे मिलने वालों का तांता नहीं टूटा। जिसके मन में जो आया, वहीं उसको खिलाया भी।
भदौड़ा सिद्धार्थनगर नहीं, बल्कि नोएडा जेल में सोमवार को भेजा गया। पुलिस का तर्क है कि एक सप्ताह तक उसकी पेशी है, इसलिए उसको नोएडा रखा गया है। पेशी कराने के बाद उसको सिद्धार्थनगर में ही भेजा जाएगा।
यह जलवा सत्ता का
योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन रोहटा ब्लॉक से जिला पंचायत सदस्य बनी है। पुलिस रिकॉर्ड में वांटेड सुमन ने पुलिस-प्रशासन अफसरों के सामने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में प्रत्याशी सीमा प्रधान के साथ जाकर मतदान किया था। सुमन की वोट महत्वपूर्ण मानी गई। यही वजह थी कि सोमवार को भदौड़ा को कचहरी में ‘वीआईपी ट्रीटमेंट’ मिला।