शहर में बेखौफ हो चुके चोरों ने रविवार रात उपकोषागार कार्यालय के ताले तोड़ दिए। कार्यालय में कीमती सामान हाथ नहीं लगा तो बाथरूम से नलों की टोटियां उखाड़कर ले गए। वॉश बेसन भी तोड़ डाला। घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौका मुआयना कर घटना की जानकारी ली।
तहसील परिक्षेत्र में उपकोषागार कार्यालय है, जहां कर्मचारी ग्रेड पे में बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर बीती 23 दिसंबर से बेमियादी हड़ताल पर हैं। कामकाज ठप होने से कार्यालय में सन्नाटा पसरा है, इसी का फायदा उठाकर रविवार देर रात चोर ने रिकार्ड रूम, कंप्यूटर कक्ष और उपकोषागार अधिकारी कक्ष का ताला चटका दिया।
तीनों कक्ष में कागजात के अलावा कीमती सामान नहीं मिलने पर चोर ने उपकोषागार अधिकारी के कक्ष से सटे बाथरूम की टोटियां और वॉश बेसिन तोड़ डाला। घटना की जानकारी सोमवार सुबह लगी, जब रोज की तरह संविदा कर्मी कार्यालय पहुंचा। दरवाजे पर लगे ताले टूटे देख उसने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी।
उपजिलाधिकारी अरविंद कुमार पांडेय पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने बताया कि मामले में छानबीन की जा रही है। कार्यालय से अन्य सामान चोरी हुआ या नहीं, इसकी जांच हड़ताल खुलने के बाद हो पाएगी।
सुरक्षा को एक अदद होमगार्ड नहीं
महत्वपूर्ण विभाग उपकोषागार में रात्रि सुरक्षा के लिए एक अदद होमगार्ड तक नहीं है। लिहाजा कार्यालय में स्ट्रांग रूम में रखे लाखों के स्टांप पेपर और अन्य रिकार्ड की सुरक्षा भगवान भरोसे है। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक एक संविदा कर्मी रहता है। रात को कार्यालय पूरी तरह से लावारिस हो जाता है।
वर्ष 2013 के बाद कार्यालय में सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस गार्ड को हटा दिया गया। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए दो संविदा कर्मियों की नियुक्ति की गई, लेकिन साल भर में एक संविदा कर्मी की सेवा समाप्त कर दी। यह कार्रवाई शासनस्तर से हुई। लिहाजा कार्यालय में सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। मुख्यालय को प्रस्ताव भेज चुके हैं, लेकिन अब तक उसमें कार्रवाई नहीं हुई।-गणेशानंद जोशी, उपकोषागार अधिकारी