टीपी नगर की शिवकुंज कॉलोनी में रविवार को दो माह की मासूम की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने पहले बताया कि घर में घुसे बदमाशों ने मासूम को पटककर दे मारा। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो फंसने के डर से परिजन पलट गए कि बच्ची तो दादी की गोद से गिरने से मरी है। सीओ ब्रह्मपुरी का कहना है कि इस मौत का जिम्मेदार कौन है, इसकी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिवकुंज कॉलोनी में ट्रांसपोर्टर रोहताश गिरी का परिवार रहता है। उसके दो बेटे बिट्टू और सोनू परिवार समेत अलग रहते हैं। जबकि तीसरा बेटा मनीष पत्नी रमा और बच्चों के साथ पिता के साथ ही रहता है। रविवार दोपहर मनीष की मां विमला ने थाना टीपी नगर में सूचना दी कि बदमाशों ने लूट के दौरान उसकी दो माह की पोती को पटककर मार डाला। सूचना पर एसएसपी, एसपी सिटी और सीओ ब्रह्मपुरी मौके पर पहुंचे।
सीओ ब्रह्मपुरी रफीक अहमद को दिए पहले बयान में विमला ने बताया कि वह घर में अकेली थी। तभी गेट फांदकर एक युवक अंदर घुसा और गेट खोल दिया। उसके दो साथी और अंदर आए। उन्होंने कहा जो भी है दे दो। मैंने कुंडल देने से इंकार किया तो उन्होंने उसकी पोती राखी को उठा लिया और मारने की धमकी दी। जिस पर मैंने एक कुंडल निकालकर दे दिया। बदमाशों ने इसके बावजूद उसकी पोती की जमीन पर पटककर हत्या कर दी।
जांच में फंसने पर मारी पलटी
पुलिस ने क्राइम सीन देखने के बाद सवाल दागने शुरू किए तो विमला के बयान बदलने लगे। सख्ती से पूछताछ में विमला ने स्वीकार कर लिया कि वह अपनी पोती को खिला रही थी। इसी दौरान वह उसके हाथ से गिर गई और उसके सिर में गंभीर चोट लगी। जिसके कारण उसकी मौत हो गई। बच्ची के पिता मनीष ने भी थाना टीपीनगर में दी तहरीर में स्वीकार किया कि उसकी बेटी की मौत उसकी दादी के हाथ से गिरने के कारण हुई।
बेटे की डांट से बचने के लिए रची कहानी
मनीष ने पुलिस को बताया कि मेरी मां को डर था कि बच्ची की मौत होने पर हम उसे डांटेंगे। इसी डर से उसने लूटपाट की कहानी रची। मनीष ने किसी कानूनी कार्यवाही के साथ ही बच्ची का पोस्टमार्टम कराने से भी इंकार कर दिया। पुलिस से कहा कि उसकी मासूम बच्ची का पोस्टमार्टम न किया जाए।