जागृति विहार में सीनियर चिकित्सक और उसके परिवार पर सोमवार रात आधा दर्जन युवकों ने घर में घुसकर हमला किया। चीख पुकार सुनकर पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदार मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें भी पीटा। घटना की सूचना पर भी मेडिकल पुलिस नहीं पहुंची तो मंगलवार को अफसरों से शिकायत की गई। इसके बाद एसओ मेडिकल पीड़ित के घर पहुंचे। पुलिस ने चार नामजद युवकों समेत आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जागृति विहार सेक्टर-8 निवासी डॉ. सत्यवीर सिंह केन रामपुर जिला चिकित्सालय में वरिष्ठ परामर्शदाता रेडियोलोजिस्ट हैं। आरोप है कि तीन दिन पहले उसके बेटे का अरुण नागर निवासी जागृति विहार सेक्टर-3 से स्कूटी पर पैर रखने को लेकर विवाद हुआ था। उस समय दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
रात में हॉकी डंडों से लैस अरुण आधा दर्जन युवकों के साथ डॉक्टर के घर पहुंच गया। हमलावरों ने डॉक्टर, उनकी पत्नी अनीता केन, एमबीबीएस छात्रा (बेटी) और बेटे पर जानलेवा हमला किया। चीख पुकार सुनकर डॉक्टर की बहन और भांजा आदि पहुंचे तो हमलावरों ने उन्हें भी पीटा। जिसमें डॉक्टर के परिवार समेत भांजे को भी गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस के सामने वारदात
डॉक्टर ने बताया कि हमलावरों ने मेडिकल थाने में तैनात एक सिपाही के सामने वारदात को अंजाम दिया। सिपाही मौके पर मौजूद था। लोगों का कहना है कि एक हमलावर का सिपाही रिश्तेदार है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
आखिर क्या था असली विवाद
हमलावर अरुण नागर, कुशल गुर्जर, आदेश नागर और बिजे नागर समेत आठ लोगों पर केस दर्ज हुआ है। डॉक्टर का कहना है कि उसके बेटे ने अरुण की स्कूटी पर पैर रख दिया था, जिस पर विवाद हुआ है। विरोध करने पर अरुण ने डॉक्टर और उसके बेटे को भी थप्पड़ मारा था। लेकिन असली विवाद क्या है, इसकी जांच पड़ताल करने में पुलिस जुटी है।
मर्डर पर हूं, कल बात करेंगे
डॉक्टर के परिवार ने पुलिस को फोन किया। जिस पर मेडिकल एसओ ने कहा कि जागृति विहार सेक्टर-8 में मर्डर हो गया है, मै वहां हूं। आपके मामले में कल बात करेंगे। डॉक्टर ने खुद ही अपने परिवार को अस्पताल में भर्ती कराया। बार-बार फोन करने के बावजूद भी पुलिस ने एक बार भी घटनास्थल और अस्पताल में आना जरूरी नहीं समझा।