चोरी और लूट करने वाले बदमाशों को पुलिस शह दे रही है। ऐसे ही एक मामले में बुधवार को पुलिस की किरकिरी हुई तो चंद मिनटों में चोरी की बाइक सोतीगंज से सदर थाने पहुंच गई। जिससे साफ जाहिर हो गया कि पुलिस के इशारे पर शहर में वाहन लुटते और सोतीगंज में कटते है।
बाइक मालिक ने पुलिस पर भी केस दर्ज कराने की बात कही है।
यह घटना यकीन करने वाली तो नहीं है, लेकिन हकीकत में मेरठ पुलिस की करतूत बुधवार को उजागर हो गई। ब्रह्मपुरी निवासी सर्राफा व्यापारी चेतन की पल्सर बाइक (यूपी 15 बीआर 4210) कैंट स्थित में गोल्डन पार्क से मंगलवार शाम 5.45 बजे चोरी हो गई थी। चेतन और उसका दोस्त राहुल बुधवार को सोतीगंज में अपनी बाइक तलाशने पहुंच गए। एक कबाड़ी की दुकान के सामने चेतन की बाइक खड़ी थी। जिस पर दो युवक बैठकर सदर थाने में तैनात सिपाहियों से बातचीत कर रहे थे।
दोनों दोस्तों ने सिपाहियों से कहा कि यह बाइक उनकी है, जोकि कल चोरी हुई थी। इससे पहले मामला तूल पकड़ता कि सिपाहियों ने दोनों युवकों को बाइक लेकर वहां से भगा दिया। युवकों ने फोन करके अपने साथियों को सोतीगंज में बुलाकर हंगामा किया। सिपाहियों ने दोनों युवकों को समझा बुझाकर शांत करते हुए चोरी की बाइक थाने मंगवाने का भरोसा दिलाया। लोग थाने पहुंचे तो एक सिपाही खुद ही चोरी की बाइक लेकर थाने पहुंचा। यह नजारा देखकर सभी लोग दंग रह गए।
देखो सिपाही बाइक लाया है
बाइक चोरी करने वाला पकड़ा गया। सोतीगंज में बाइक को काटने के लिए लाया गया था। सिपाही को देख लोगों की जुबान से एक शब्द निकला कि अरे सिपाही बाइक लाया है। इसका मतलब है कि शहर में वाहन चोरी और लूट की ताबड़तोड़ वारदात क्या पुलिस के इशारे पर होती है। लोग कुछ बोलते कि पुलिस ने कहा कि तुम्हें अपनी बाइक से मतलब है या किसी ओर से। कागजों की खानापूर्ति करके बाइक सौंप दी जाएगी।
आरोपी को बचाती पुलिस
पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले आरोपियों को बचा लिया। पुलिस ने एक बार भी यह कोशिश नहीं कि यह गिरोह कितना बड़ा हो सकता है। जोकि शहर में वाहन चोरी करता है और सोतीगंज में कटवा देता है। सवाल उठता है कि आखिर पुलिस को आरोपियों ने कितने पैसे देकर खरीद लिया। यह मामला अफसरों तक पहुंचेगा तो किस-किस पर कार्रवाई होगी।
मीडिया को मत बताना
बाइक पकड़ते ही सिपाहियों ने एक ही बात कही कि मीडिया को कुछ मत बताना। तुमको बाइक मिल जाएगी। इससे ज्यादा गहराई में मत जाओ। नहीं तो भारी नुकसान हो सकता है। पुलिस तुमको कानूनी दांवपेंच में फंसा देगी। इंस्पेक्टर सदर बाजार गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि इस मामले की जानकारी उन्हें नहीं है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।