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मौसा ने मासूम भांजा अगवा कर मार डाला

Mon, 13 Jun 2016 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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 टीपी नगर के किशनपुरा में मौसा ने शनिवार रात अपने पांच साल के मासूम भांजे की अगवा कर हत्या कर दी। बेरहमी से उसका सिर ईंट से कुचलकर शव नाले में फेंक दिया। रविवार सुबह मासूम का शव नाले में मिलने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। टीपी नगर थाने में शव रखकर हत्यारोपी मौसा की गिरफ्तारी की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया गया।
पुलिस के अनुसार किशनपुरा निवासी सपना के पति संजय की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। वह अपने दो बच्चों कुमकुम (9) और नानू (5) के साथ किराए पर रहती है। सपना का मायका घर के पास ही है। दूसरी गली में उसका मौसा गुलाब पत्नी सुमन के साथ रहता है।
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दोनों की शादी तीन साल पहले हुई थी, लेकिन कोई संतान नहीं है। गुलाब ने कुछ दिन पहले ही पांचली में 22 लाख रुपये की प्रॉपर्टी बेची थी। जिसकी कुछ रकम वह शराब में उड़ा चुका था। सुमन इसका विरोध कर रही थी और प्रॉपर्टी खरीदने वालों से पूरा पैसा गुलाब के बजाय उसे देने को कहा था।
गुलाब को शक था कि सुमन को उसकी बहन सपना भड़का रही है। ताकि इस रकम का मालिक नानू बन जाए। इसी शक में गुलाब शनिवार देर रात नानू को बहला फुसलाकर ले गया और हत्या कर उसका शव पास ही नाले में फेंक दिया। सुमन ने बताया कि आधी रात को गुलाब घर पर आया था।
उससे कहा था कि नानू को तो मैंने मार दिया, अब तुझे भी मारूंगा। इस दौरान उसने शोर मचा दिया तो हत्यारोपी फरार हो गया। एसओ टीपी नगर प्रशांत कपिल ने बताया कि सपना ने गुलाब सिंह के खिलाफ अपहरण और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

मासूम को गोदी में खिलाने वाला गुलाब बन बैठा हैवान  
शराब की लत और गलतफहमी ने दो परिवार उजाड़ डाले। पांच साल के मासूम नानू को गोदी में खिलाने वाला उसका मौसा गुलाब इस कदर हैवान बन गया कि उसके खून से अपने हाथ रंग लिए। थाना टीपी नगर में कलेजे के टुकड़े के शव पर विलाप करती मां सपना यही चिल्ला रही थी कि मेरे फूल से नानू ने उसका क्या बिगाड़ा था, जो उसे मार डाला। मौसी सुमन भी अपने पति को कोसते हुए बार-बार नानू पुकार रही थी। वहीं, रिश्तेदार पुलिस से मांग कर रहे थे कि गुलाब को पकड़कर हमारे हवाले करो। हम खून का बदला खून से लेंगे।

मुझे पता होता तो जाने ना देती
किशनपुरा में सपना के मकान के पास ही उसकी बुआ बाला देवी रहती है। बाला ने बताया कि शनिवार रात वह मकान की छत पर थी। उसने गुलाब को कंधे पर नानू को लटकाकर ले जाते हुए देखा था। गुलाब अक्सर नानू को गोदी में लेकर घुमाता था। इसलिए उसने समझा कि शायद गुलाब नानू को अपने यहां सुलाने ले जा रहा है। उसने बताया कि यदि उसे गुलाब के इरादे पता होते तो वह उसे जाने ही न देती।

मासूम से खतरा मान बैठा था
गुलाब ने 22 लाख की प्रॉपर्टी बेची तो उसका मिला एडवांस शराब और अय्याशी में उड़ा दिया था। इसको लेकर उसकी पत्नी सुमन से रोजाना लड़ाई होती थी। सुमन इसका रोना अपनी बहन सपना के सामने रोती थी। सुमन ने प्रापर्टी खरीदने वालों को पूरी बात बताकर बाकी पैसा गुलाब को न देने को कह दिया था। गुलाब को यह गलतफहमी हो गई थी कि यह सब सपना का किया-धरा है। वह सुमन को भड़काकर बाकी रकम नानू के लिए हड़पना चाहती है। इसी गलतफहमी में वह पांच साल के मासूम को अपने लिए खतरा मान बैठा था।

किसी को नहीं हुआ यकीन
गुलाब की असलियत सामने आने पर मोहल्ले वाले भी हैरान हैं। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि गुलाब ऐसा कर सकता है। खुद नानू के मामा सुरजीत ने बताया कि गुलाब तो नानू को बहुत चाहता था। उसे गोदी में लेकर बाजार घुमाने ले जाता था। टॉफी बिस्कुट दिलाता था। उन्हें क्या पता था कि उसके मन में क्या चल रहा है।

नानू को मार दिया, तुझे भी मारूंगा
सुमन ने बताया कि गुलाब शनिवार आधी रात आया था तो उसके हाथ में एक ईंट और बोरी थी। उसने उस पर हमला करते कहा कि नानू को तो मार आया, अब तुझे भी मारूंगा। सुमन ने शोर मचाया तो वह ईंट और बोरी छोड़कर भाग गया। सुमन ने तभी सपना को फोन पर यह बात बतायी तो सभी समझ गए कि गुलाब ने नानू की हत्या कर दी है।

शव पर डाल दी ईंटें
गुलाब ने नानू का शव नाले में फेंकने के बाद उस पर कई ईंटें भी डाल दी। कोशिश थी कि ईंटों के दबाव से शव नाले में नीचे बैठ जाए और किसी को पता न चले। कुछ दिनों में शव सड़ गल जाएगा। लेकिन शव ऊपर आ गया।
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चाय की दुकान संभाली थी
नानू जब तीन साल का था तो दीवाली पर पिता संजय की मौत हो गई थी। उसके बाद सपना ने टीपी नगर में उसकी चाय की दुकान संभाली थी। इसी दुकान से वह अपने बच्चों को पाल रही थी। वह नानू को खूब पढ़ाना चाहती थी, लेकिन नियति को कुछ ओर ही मंजूर था।
 
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