मसूरी गांव में पंद्रह वर्षों से संचालित मदरसे में मीनार के निर्माण को लेकर सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया। ग्रामीणों द्वारा हंगामे की सूचना पर तहसीलदार और सीओ सदर देहात फोर्स लेकर पहुंच गए। पुलिस ने अर्द्धनिर्मित मीनार तोड़ने की कोशिश की। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बाद में तहसीलदार के सामने ही दूसरी मीनार की माप कराकर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।
इंचौली थाना क्षेत्र के मसूरी गांव में अलवियान मोहल्ला है। जिसमें करीब पंद्रह साल से मदरसा संचालित है। वहीं पर लोग नमाज भी पढ़ते हैं। कुछ साल पहले मदरसे की बाउंड्री कराकर लेंटर डलवा दिया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ माह पहले मदरसे में लाउडस्पीकर भी लगा दिए। जिससे आसपास के लोगों को परेशानी होनी लगी। बृहस्पतिवार सुबह मदरसे में मीनार के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर एसओ इंचौली उमेश चंद पचौरी, सीओ सदर देहात श्रीकांत प्रजापति, तहसीलदार रमेश चंद यादव, नायब तहसीलदार दिनेश शर्मा, लेखपाल अरविंद कुमार, कानूनगो अंजू शर्मा मौके पर पहुंच गए।
मदरसे में मौजूद मुरलीपुर, कंकरखेड़ा निवासी इमाम तहसीम पुत्र निजामुद्दीन ने बताया कि यहां बच्चों को तालीम दी जाती है। बुधवार को ग्राम प्रधानपति योगेश ने स्वयं मीनार निर्माण का शुभारंभ किया था। प्रसाद भी बांटा था। उस समय किसी ने विरोध नहीं किया। लेकिन अब लोग विरोध कर रहे है। जिस पर गांव के दूसरे पक्ष के ग्रामीणों ने कहा कि पहले यहां मदरसा संचालित था, पर हमें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। उसके बाद लाउडस्पीकर भी लगवा दिए। उसे भी हमने सहन किया। लेकिन अब ये मीनार निर्माण करा रहे हैं। जो सरासर गलत है। हम इसे नहीं बनने देंगे।
करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा और तनाव की स्थिति बनी रही। जिस पर पुलिस ने दूसरी मीनार के निर्माण को हटवा दिया। जबकि एक मीनार का निर्माण आधा हो चुका था। पुलिस ने उसे तुड़वाने की कोशिश की, परंतु कामयाबी नहीं मिली। सीओ सदर देहात ने मीनार निर्माण में लगी बल्ली व चिनाई सामग्री को भी हटवा दिया। निर्माणाधीन मीनार की माप करवाते हुए कोर्ट का आदेश आने तक निर्माण न करने की सख्त हिदायत दी। आदेश आने तक निर्माण पूरी तरह से बंद करवाने की बात कहते हुए सीओ सदर ने लोगों को शांत कराया।
गांव में होगी मीटिंग
सीओ सदर देहात ने बताया कि शुक्रवार को गांव के दोनों समुदायों की मीटिंग की जाएगी। सर्वसम्मति से जो सही निर्णय निकलकर आएगा, उसे माना जाएगा। परंतु मीनार निर्माण पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं मानी जाएगी। पुलिस के अनुसार पहले गांव के ही एक पक्ष ने आकर मीनार का निर्माण शुरू कराया। अगली सुबह दूसरे पक्ष ने आकर विरोध जता दिया। जो गांव की राजनीति को दर्शाता है।