मेरठ में नेहा व उसकी मां सुमनलता की सनसनीखेज हत्या के सुबूतों के साथ चार चश्मदीदों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी शोएब कुरैशी ने मां-बेटी की हत्या क्यों, कैसे और कहां की, इसकी सारी जानकारी आरोपियों ने पुलिस को दी। लेकिन सुमनलता की लाश और कातिल कहां है, इसका छठवें दिन भी पुलिस को सुराग नहीं है। आधा-अधूरा खुलासा करने वाली पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन उनकी कार्यशैली अभी भी ‘कठघरे’ में है।
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने मंगलवार को ग्रेटर पल्लवपुरम निवासी नेहा और उसकी मां सुमनलता की हत्या का छठे दिन पुलिस लाइन में खुलासा किया। इस वारदात के चार चश्मदीद अमित पुत्र अजय श्रीवास्तव निवासी शास्त्रीनगर सेक्टर-4 मेडिकल, संदीप पुत्र प्रेमसिंह निवासी महल लावड़ इंचौली, नाजिश पुत्र यासीन और जावेद पुत्र खुर्शीद निवासी लावड़ को गिरफ्तार बताकर मीडिया से रूबरू कराया है। जबकि मुख्य आरोपी शोएब कुरैशी उर्फ बबलू उर्फ आदित्य पुत्र अब्दुल हक निवासी लावड़ इंचौली को गिरफ्तार और सुमनलता की लाश को पुलिस बरामद नहीं कर सकी।
पुलिस ने चारों आरोपी मां-बेटी की हत्या के चश्मदीद (गवाह), 120 बी (साजिशकर्ता) और 201 (साक्ष्य मिटाने) के मुल्जिम बनाए है। उक्त आरोपियों ने बताया है कि मुख्य आरोपी शोएब कुरैशी व उसके दो अन्य साथियों ने सुमनलता की लाश कहां ठिकाने लगाई, इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं है। पुलिस ने आरोपियों से नेहा और सुमनलता की हत्या के बाद उनके शरीर से उतारे गए जेवरात, पर्स बरामद कर लिया। इको स्पोर्ट्स में सुमनलता की हत्या हुई और होंडा स्कोडा में नेहा की लाश ले जाकर रुड़की रोड स्थित सैन्य फार्म में फेंका था। पुलिस ने उक्त दोनों गाड़ियां व एक बाइक भी आरोपियों से बरामद की है।
नेहा को पहले पीटा और फिर मारा
शोएब कुरैशी का फाइल फोटो
चश्मदीद अमित श्रीवास्तव पांच साल से शोएब कुरैशी संग फाइनेंस का काम करता था। नेहा शोएब की दोस्त है, इसका पता अमित को था। घटनावाले दिन बृहस्पतिवार दोपहर 12:30 बजे अमित को शोएब ने फोन कर ऑफिस बुलाया। अमित ने देखा कि नेहा बेहोशी हालत में टेबल के नीचे पड़ी है और शोएब कुर्सी पर बैठा था। अमित को देखते नेहा उठी और शोएब पर टूट पड़ी। तभी शोएब ने लोहे के तार से नेहा की अमित के सामने गला घोटकर हत्या कर दी। अमित ने बताया कि शोएब नहीं चाहता था कि नेहा अंकित नाम के युवक से बात करे। नेहा नहीं मानी तो पहले उसने उसकी पिटाई की, जिसमें वह बेहोश हो गई थी। उसके बाद ही शोएब, अमित ने बोरे में नेहा की लाश नीचे खड़ी होंडा स्कोडा में रखी। दोनों ने लाश को सैन्य फार्म के पास फेंका और फिर लावड़ भी पहुंचे। जहां से अमित वापस लौट आया।
खिलाया, समझाया नहीं मानी मार डाला
चश्मदीद संदीप गुर्जर टैक्सी ड्राइवर है। होंडा स्कोडा छोड़कर शोएब ने उस रात 10:15 बजे ट्रांसपोर्ट नाजिश को फोन करके इको स्पोर्ट्स मंगवाई। इससे पहले शोएब सुमनलता को होटल में खाना खिलाकर लाया था। वह बार बार उसको समझा भी रहा था। संदीप ड्राइविंग कर रहा था और पीछे की सीट पर शोएब, सुमनलता बैठे हुए थे। सुमनलता बार बार नेहा के बारे में शोएब से पूछ रही थी। शोएब नेहा को सेमिनार में भेजने की बात कह रहा था। इस दौरान सुमनलता के फोन पर उसकी बेटी श्वेता का फोन आया था। शोएब ने संदीप से लावड़-दौराला मार्ग से सटे मवी गांव की तरफ जंगल में गाड़ी मुड़वा ली। तभी शोएब ने सुमनलता की कनपटी पर सटाकर गोली मार दी। कब्रिस्तान के पास गाड़ी रुकवाई, जहां दो युवक पहले से खड़े थे। शोएब ने सुमनलता की लाश को कार से उतारा और संदीप से कहा कि गाड़ी धो लेना। संदीप वहां से गाड़ी लेकर वापस लौट आया।
गाड़ी का खून धोया और जेवरात छुपाए
नेहा का फाइल फोटो
पुलिस के मुताबिक पहले नेहा और फिर सुमनलता की हत्या हो गई, इसकी जानकारी ट्रांसपोर्टर नाजिश और मैकेनिक जावेद का भी थी। खून से सनी इको स्पोर्ट्स को नाजिश और जावेद ने धोया था। ड्राइवर संदीप गुर्जर ने दोनों को बताया था कि शोएब ने दो मर्डर कर दिए है। गाड़ी में नेहा के जेवरात, सुमनलता की अंगूठी व घड़ी है। पर्स आरोपियों ने जला दिया है। नाजिश और जावेद ने जेवरात और घड़ी को छुपाया। संदीप ने पुलिस को सारा वाक्या बताया तो नाजिश, जावेद को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि दोनों को चश्मदीद गवाह और साक्ष्य मिटाने का आरोपी बनाया गया है।
नेहा के फोन बजते ही आगबबूला होता था शोएब
नेहा की अंकित से भी दोस्ती थी। घटना वाले दिन शोएब पहले नेहा को भोला की झाल पर घूमाने ले गया था। शोएब बार-बार नेहा को अंकित से दूरी बनाने की बात कहता था। लेकिन नेहा जिद पर अड़ी थी। नेहा के फोन पर अंकित की कॉल आते ही शोएब आगबबूला हो जाता था। उस दिन भी ऐसा ही हुआ। अंकित ने फोन कर नेहा को भोला की झाल से बेगमपुल पर बुलाया। नेहा को खुश करने के लिए एक जींस और एक जोड़ी सैंडल खरीदवाए। नेहा ढाई घंटे शॉपिंग कर शोएब के पास ऑफिस में पहुंची। नेहा को देखते ही शोएब ने कहा कि आ गई। शोएब बात कर रहा था, तभी अंकित की दोबारा कॉल आ गई। नेहा ने फोन सुना। उसके बाद शोएब ने नेहा से फोन छीना और फर्श पर तोड़ा। नेहा को पीटा और फिर मौत के घाट उतार दिया।