विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से वेस्ट यूपी में अब तक आतंकियों के नाम से 12 धमकी भरी चिट्ठियां आ चुकी हैं। माना जा रहा है कि ये चिट्ठियां किसी आतंकी धमाके के लिए नहीं, बल्कि दहशत फैलाने के लिए भेजी जा रही हैं। शुक्रवार को एक के बाद एक दो चिट्ठियां मिलने के बाद आईजी मेरठ जोन अजय आनंद ने कई विभागों के अधिकारियों से जानकारी ली। शरारती तत्व कोई बड़ा बखेड़ा न कर दें, इसे देखते हुए कई जगहों पर पुलिस के साथ पीएसी, आरएएफ की तैनाती शुरू करा दी है। पुलिस अफसरों का मानना है कि चिट्ठी भेजने वाला एक ही गैंग है। गृह मंत्रालय ने सुरक्षा एजेंसियों से इसकी रिपोर्ट तलब की है।
15 दिनों में मेरठ में पांच, मुजफ्फरनगर में तीन, सहारनपुर में दो समेत वेस्ट यूपी के जिलों में 12 धमकी भरी चिट्ठियां मिल चुकी हैं। इनमें से सिर्फ पांच ही उजागर हुई हैं, जबकि सुरक्षा एजेंसियां अन्य चिट्ठियों की जांच में जुटी हैं। जांच एजेंसियों की मानें तो ये चिट्ठियां एक ही तरीके से भेजी गईं और लिखने का तरीका भी मिलता-जुलता हुआ है।
गृह मंत्रालय का फोकस सौहार्द बनाने पर
धमकी भरी चिट्ठियों की जानकारी लेते हुए गृह मंत्रालय ने जांच एजेंसियों को ताकीद दी है कि वेस्ट यूपी में सांप्रदायिक सौहार्द न बिगड़ने पाए। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों से कहा है कि सांप्रदायिक घटना पर ज्यादा फोकस होना चाहिए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक नई सरकार बनने के बाद सक्रिय हुए कुछ शरारती तत्व बखेड़ा कराने की कोशिश में हैं।
आरएएफ, पीएसी तैनात करने की तैयारी
धमकी भरी चिट्ठियों और खुफिया विभाग के इनपुट के बाद पुलिस अधिकारियों ने आरएएफ व पीएसी अधिकारियों के साथ मीटिंग कर कई जगहों पर फोर्स तैनात करने की प्लानिंग बनाई। इसके लिए मिश्रित आबादी वाले कई इलाके चिह्नित किए गए हैं।
कौन और कैसे जारी कर रहा चिट्ठी
सुरक्षा एजेंसियां यह जांच करने में जुटी हैं कि चिट्ठी कैसे और कौन जारी कर रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चिट्ठी भेजने वालों को कुछ पैसा देकर भेजा जाता है। दरअसल, 12 में से पांच मामले ऐसे हैं, जिनमें पैसे देकर चिट्ठी भेजने की बात सामने आई है। पुलिस ने कई जगहों पर सीसीटीवी भी खंगाले हैं, जिससे कोई क्लू हाथ लग सके।