रिलायंस जियो के अत्याधुनिक उपकरणों को लूटने वाले आठ आरोपियों को जेल भेजने के बाद पुलिस के निशाने पर कंपनी के दागी कर्मचारी हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ करने के बाद टावर पर लगे सीसीटीवी कैमरे देखे। जिसमें पुलिस को बहुत महत्वपूर्ण जानकारियों मिली है। पुलिस अलीगढ़, ग्वालियर और अलीगढ़ में जियो टावर पर लगे कैमरों की फुटेज भी देखेगी। तीनों यूनिट में आरोपियों ने वारदात करना कबूला था।
नूरनगर रोड स्थित सरस्वती लोक में रिलायंस जियो कंपनी के टावर को लूटने वालों ने कई गहरे राज खोले हैं। आरोपियों ने बताया कि कंपनी में काम कर चुके और वर्तमान कर्मचारियों से उनका संपर्क था।
कर्मचारी उनको जानकारी देते थे कि किस यूनिट में कितना सामान है। सुरक्षा का क्या इंतजाम है और उनकी एंट्री कैसे होगी। वारदात करने से पहले गिरोह का सरगना चंदन पांडेय कर्मचारियों से मिलने आता था। पुलिस का दावा है कि मेरठ रिलायंस जियो टावर के तीन कर्मचारियों का पता चला है। आरोपियों का अगला टारगेट पल्लवपुरम में लगी यूनिट थी। पल्लवपुरम की यूनिट में कर्मचारियों से भी आरोपियों ने बात की थी। पुलिस जेल भेजे आरोपियों के जरिये उक्त कंपनी के दागी कर्मचारियों तक पहुंचेगी।
कैमरों की भी थी जानकारी
पुलिस ने बताया कि सरस्वती लोक पर लगे रिलायंस जियो कंपनी के टावर पर पांच सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। आरोपियों को कैमरों की जानकारी थी। एक कैमरे में आरोपी टावर में घुसते नजर आ रहे हैं। कैमरे से बचने के लिए आरोपियों ने मुंह भी छुपाने की कोशिश की है। आरोपियों के छिपने की बात से साफ जाहिर है कि उनको सब जानकारी थी। हालांकि पांच आरोपियों के चेहरे कैमरे में कैद हुए हैं। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ का कहना है कि आरोपियों ने जियो के कर्मचारियों की जानकारी दी है। जल्दी ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
कई देशों में घूम चुका चंदन
मास्टर माइंड चंदन पांडेय भले इंटर पास हो, लेकिन वह बहुत शातिर है। उसने करोड़ों रुपये का माल लूटकर विदेशी कंपनियों को बेच दिया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। तीन यूनिट में तो चंदन लूटपाट कर चुका है। पुलिस का दावा है कि चंदन कई देशों में घूम चुका है। इंटर पास होने के बावजूद उसने कई कंपनियों में इंजीनियर की नौकरी की।
इस प्रकरण में मुख्यमंत्री की नजर
इस गिरोह से जुड़े सभी आरोपियों को पुलिस जेल भेजेगी। क्योंकि इस प्रकरण पर मुख्यमंत्री की भी नजर है। मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि गिरोह के सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजो। हालांकि गृह मंत्रालय भी अपने स्तर से मामले की जांच कराएगा।