मेरठ में पकड़े गए आईएसआई एजेंट मोहम्मद इजाज से मिली जानकारियों से ही स्पष्ट हो गया था कई भारतीय एयरबेस पाकिस्तान के निशाने पर हैं। अमर उजाला ने 29 नवंबर को खबर प्रकाशित कर इससे आगाह भी किया था। शनिवार को आतंकियों ने पंजाब के पठानकोट स्थित एयरबेस को निशाना बनाकर अपने मंसूबे भी साफ कर दिए हैं। इधर, पठानकोट में आतंकी हमले के बाद सरसावा (सहारनपुर), हिंडन, बरेली और आगरा एयरबेस पर अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
यूपी एसटीएफ ने 27 नवंबर को मेरठ कैंट स्टेशन से पाकिस्तानी पाक जासूस मोहम्मद इजाज को गिरफ्तार किया था। इजाज एक साल से बरेली में रहकर भारतीय सेना के दस्तावेज आईएसआई को भेज रहा था। पूछताछ में पाक जासूस ने खुलासा भी किया था कि उसने बरेली एयरबेस से जुड़े गोपनीय दस्तावेज और नक्शे आईएसआई को भेजे थे। वह सहारनपुर के सरसावा एयरबेस के साथ आगरा, हिंडन एयरबेस से जुड़े दस्तावेज भी आईएसआई को भेज चुका है।
इजाज के खुलासे पर ही अमर उजाला ने 29 नवंबर को प्रमुखता से ‘पाक के निशाने पर हिंडन-बरेली-आगरा एयरबेस’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें सैन्य जानकारों ने आगाह किया था कि अगर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के पास भारतीय एयरबेस की लोकेशन है, तो उसे भारत के खिलाफ सीमा पर लड़ने की जरूरत नहीं है। वह सीधे एयरबेस पर हमला कर देश की सुरक्षा को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। शनिवार को पठानकोट एयरबेस पर जांबाज जवानों ने भले ही आतंकियों को मार गिराया हो, लेकिन निश्चित तौर पर यह हमला एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है।
वेस्ट यूपी के एयरबेस पर बढ़ी चौकसी
पाक जासूस के खुलासे के बाद आगरा, बरेली और हिंडन एयरबेस की सुरक्षा तो बढ़ा ही दी गई थी, लेकिन पठानकोट हमले के बाद एयरबेस सिक्योरिटी मैनेजमेंट ने सुरक्षा और कड़ी कर दी है।
स्लीपर सेल ने साझा कीं कई जानकारियां
सैन्य खुफिया सूत्रों की मानें तो आईएसआई के इशारे पर भारत में स्लीपर सेल की तरह काम करने वालों का गढ़ मेरठ है। सूत्रों के मुताबिक, पठानकोट एयरबेस पर हमले की जानकारी मेरठ में भी स्लीपर सेल से साझा होने की संभावना है। इसे देखते हुए सैन्य छावनी में सघन चेकिंग और संदिग्ध लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
सैन्य सूत्रों का दावा है कि शीघ्र ही मेरठ में भी पाक खुफिया एजेंसी से जुड़े कुछ लोग सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ सकते हैं, जिनसे कई अहम खुलासे की उम्मीद है।