एसएसपी ऑफिस पर मंगलवार दोपहर इंस्पेक्टर इंचौली योगेंद्र सिंह मलिक चोरी की आई-20 कार से पहुंचे। कार पर आगे-पीछे नंबर प्लेट नहीं थी। मामला तूल पकड़ने पर इंस्पेक्टर ने सरकारी गाड़ी मंगवाई और चलते बने। जानकारी होने पर एसपी क्राइम, सीओ सिविल लाइन आए और कार को क्रेन से पुलिस लाइन में खिंचवा दिया। एसएसपी ने इंस्पेक्टर से स्पष्टीकरण मांगा है।
इंस्पेक्टर इंचौली योगेंद्र सिंह मलिक एसएसपी ऑफिस में एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग के पास किसी काम से आए थे। एसएसपी ऑफिस से 50 मीटर दूर आई-20 कार खड़ी कर वे अंदर चले गए। कार में इंस्पेक्टर की टोपी और एक डायरी थी। कार चोरी की है, इसकी सूचना आग की तरह फैली। भंडाफोड़ होने पर इंस्पेक्टर ने थाने में फोन कर सरकारी गाड़ी मंगवाई और चोरी की कार वहीं छोड़कर चले गए।
कार चोरी की है और इंस्पेक्टर उसे लावारिस छोड़ गए, इसकी जानकारी डीआईजी आशुतोष कुमार और एसएसपी डीसी दूबे को मिली। एसएसपी ने एसपी क्राइम तेज स्वरूप सिंह, सीओ सिविल लाइन स्वर्णजीत कौर को मौके पर भेजा। पुलिस अफसरों ने इंस्पेक्टर को फोन किया, लेकिन उन्होंने वहां आने से इनकार कर दिया। अफसरों ने घंटों जांच पड़ताल कर कार को पुलिस लाइन भेजा। एसएसपी का कहना है कि इंस्पेक्टर से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है। जांच में आरोप सिद्ध हुआ तो कार्रवाई करूंगा।