सत्ता की हनक में चूर सपा नेता सचिन कसाना ने रंगदारी न देने पर होटल में जमकर तोड़फोड़ और फायरिंग की। सरेआम चेतावनी दी कि, एक करोड़ नहीं दिए तो होटल नहीं चलने दूंगा। सपा नेताओं के दबाव में पुलिस कार्रवाई से बच रही है। रिपोर्ट दर्ज कराने में भी कई घंटे लगा दिए। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद है, लेकिन पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर रही है।
मानसरोवर निवासी गौरव नारंग पुत्र चांद किशन नारंग का दिल्ली रोड परतापुर थाना क्षेत्र में होटल क्रोम है। आरोप है कि शनिवार देर रात सपा नेता सचिन कसाना अपने तीन दोस्तों के साथ फार्चूनर से होटल पर आया। सचिन ने अपने दोस्तों के साथ शराब पी और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने बार में बैठे ग्राहकों के साथ बदतमीजी की और मारपीट कर उन्हें भगा दिया। गौरव नारंग का आरोप है कि इसके बाद होटल में तोड़फोड़ की।
सचिन ने होटल कर्मी जयप्रकाश के कनपटी पर रिवाल्वर लगाकर जान से मारने की धमकी दी। सपा नेता सचिन का नाम सामने आने के बाद पुलिस लीपापोती में जुट गई है। गौरव नारंग की तहरीर पर थाने में सचिन कसाना और तीन अज्ञात के खिलाफ रंगदारी के लिए जान से मारने की धमकी देने, मारपीट, गाली-गलौज की धाराओं में रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन गिरफ्तारी नहीं की। परतापुर एसओ राकेश यादव का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा रही है।
सीसीटीवी कैमरे में दिखी गुंडागर्दी
होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में सपाइयों की गुंडागर्दी दिखने के बाद भी परतापुर पुलिस मामले को दबाने में जुटी रही। पहले तो शनिवार रात हुई घटना के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में ही घंटों लगा दिए। इसके बाद सपा महानगर के एक पदाधिकारी के दबाव में परतापुर एसओ राकेश यादव आरोपियों की गिरफ्तारी में कोई ास दिलचस्पी नहीं दिखाई। आरोप है कि सचिन कसाना के साथ सपा महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी का भाई भी मौजूद था, लेकिन पुलिस ने दबाव में रिपोर्ट में उसका नाम नहीं खोला।