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हसनपुर कलां में दलित-गुर्जरों में फिर फायरिंग

Fri, 28 Aug 2015 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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हसनपुर कलां में बृहस्पतिवार को पुलिस के सामने फिर दलित और गुर्जरों में खूनी संघर्ष हुआ। दोनों पक्षों में मारपीट, पथराव, फायरिंग हुई और पुलिस तमाशबीन बनी रही। इस संघर्ष में एक युवक घायल हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही के चलते बवाल हुआ है। पुलिस बुधवार को हुए विवाद में सख्ती से कार्रवाई करती तो मामला इतना नहीं बढ़ता।
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मामला किठौर थानाक्षेत्र के हसनपुर कलां का है। किठौर कस्बे में हेल्थ क्लब में वर्चस्व को लेकर मुनेंद्र गुर्जर की दलित पक्ष से कहासुनी के बाद मारपीट हुई। दोनों हसनपुर कलां पहुंचे तो वहां दोनों पक्षों के लोगों में मारपीट और पथराव हुआ। पुलिस मौके पर पहुंची और मामूली धाराओं में कार्रवाई कर मामला निपटा दिया।

बृहस्पतिवार को दोनों पक्ष के लोगों ने एक दूसरे पर छींटाकशी कर दी। इसके बाद दोनों में दोबारा मारपीट, पथराव और फायरिंग हुई। पुलिस मौके पर पहुंची, इसके बावजूद दोनों पक्षों में संघर्ष जारी रहा। पुलिस को लाठीचार्ज कराना पड़ा। लोगों ने बताया कि पुलिस ने बुधवार को कमजोर कार्रवाई की, जिसके चलते विवाद हुआ है। करीब एक घंटे तक गांव में अराजकता का माहौल रहा। दोनों पक्ष के लोग पुलिस के सामने सरेआम अवैध हथियार लहराते हुए एक दूसरे को गाली गलौज करने में लगे थे। हालत बेकाबू होने पर पुलिस ने शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए गांव में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी।
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पुलिस पिकेट के सामने वारदात
बुधवार को दोनों पक्षों में हुए संघर्ष के बाद किठौर पुलिस ने गांव में पिकेट तैनात कर दी थी। बृहस्पतिवार को पिकेट के सामने दोनों में पथराव और फायरिंग हुई। बाजार बंद हो गया। पिकेट में पुलिसकर्मी पहले तमाशबीन बनकर देखते रहे। हालत बेकाबू होने पर पुलिस ने थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी। तब जाकर सीओ और इंस्पेक्टर किठौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

दोनों ने आरोप प्रत्यारोप लगाए
एक पक्ष का आरोप है कि पुलिस के सामने दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके मोहल्ले में पहुंचकर घरों में पथराव और फायरिंग की। जबकि दूसरे पक्ष का आरोप कि उनके लोगों को कॉलेज में बंद करके पीटा गया। उसके बाद लोगों का गुस्सा फूटा। दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे।

लाइसेंसी होगे निरस्त
पुलिस के सामने खुलेआम फायरिंग होते देखकर सीओ रितेश कुमार भी दंग रह गए। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के लोगों के लाइसेंसी हथियार निरस्त कराए जाएंगे। थाना पुलिस उनके खिलाफ एक रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजेगी। वहीं, फायरिंग और पथराव करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने मानी गलती
सीओ रितेश कुमार तथा इंस्पेक्टर सुमेर सिंह यादव से स्वीकार किया की अगर पुलिस बुधवार को बवाल करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करती को बृहस्पतिवार को दोबारा मारपीट नहीं होती। सीओ ने कहा की सभी आरोपियों को जेल भेजकर पांच पांच लाख रुपये के मुचलकों से पाबंद किया जाएगा।

तमंचा लेकर दौड़ा युवक
बवाल की सूचना पर मौके पर पहुंचे सीओ किठौर रितेश कुमार तथा इंस्पेक्टर पुलिस के साथ बवालियों को सड़क से लाठी फटकार कर खदेड़ रहे थे। तभी एक युवक हाथ में तमंचा लेकर सड़क की ओर बढ़ा तो जैसे ही सीओ पर निगाह गई तो वह लौट गया। काफी तलाशने के बाद भी आरोपी पुलिस को नहीं मिला।

प्लान था बवाल?
इस मामले की जांच पड़ताल में सामने आया कि प्लान के तहत बवाल किया गया। लोगों के घरों की छतों पर पत्थर देखे गए। पुलिस इस मामले की जानकारी करने में जुटी है कि आखिर लोगों ने छतों पर पत्थर क्यों और किस उद्देश्य से रखे थे।

पंचायत चुनाव तो नहीं वजह?  
इस विवाद का कारण पंचायत चुनाव से जोड़ा जा रहा है। लोगों ने बताया कि आगामी चुनाव में दोनों पक्ष के लोग चुनाव लड़ने की तैयारी में है। जिसके चलते वर्चस्व को लेकर एक दूसरे को अपनी ताकत का अहसास कराने में लगे है। पुलिस इस बिंदु पर जांच करने में लगी है।
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